बुढ़ैना गांव के सचिन किकबॉक्सिंग के सचिन तेंदुलकर बनना चाहते है। सचिन ने हाल में ही हुई आल इंडिया नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया है। सतयुग दर्शन स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले सचिन वालीबॉल के भी अच्छे खिलाड़ी रहे हैं।
दो साल पहले किकबॉक्सिंग की शुरुआत करने वाले सचिन ने बताया कि लोगों में क्रिकेट को लेकर अधिक क्रेज है। उनके गांव में भी अधिक लड़के क्रिकेट ही खेलते हैं। ऐसे में किसी ऐसे खेल का चुनना जिसकी कोई खास पहचान न हो, अपने आप में चेतवानी भरा था। लेकिन उन्होंनें बिना किसी की परवाह किए किकबॉक्सिंग को चुना।
उन्होंने बताया कि यहां तक पहुंचाने में सबसे बड़ा हाथ उनके परिवार वालों का है। बगैर उनके समर्थन के वह एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकते हैं। सचिन ने बताया कि वह किकबॉक्सिंग में क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर जैसा नाम कमाना चाहते हैं। इससे दूसरे लड़के भी किकबॉक्सिंग में अपना करियर बना सकें। सचिन ने बताया कि अपने खेल को निखारने के लिए वह रोजाना पांच से छह घंटे अभ्यास करते हैं। सचिन के पिता जसराम ने बताया की वह सचिन को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव मदद करते हैं।