भारत की रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स में लगातार तीसरा पदक पक्का कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने मंगलवार को महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में मकाओ चीन की चू मैन सिन को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही वुशु में भारत का पहला पदक भी सुनिश्चित हो गया। आइची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल में खेले गए मुकाबले में रोशिबिना ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और पॉइंट डिफरेंस के आधार पर 5-0 से जीत दर्ज की। इससे पहले उन्होंने सोमवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश की शिका खातून को हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई थी।
2018 में कांस्य, 2022 में रजत, अब फिर पदक पक्का
रोशिबिना देवी इससे पहले भी एशियन गेम्स में भारत को पदक दिला चुकी हैं। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद 2022 के एशियन गेम्स में उन्होंने इसी वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। अब लगातार तीसरे एशियन गेम्स में उनका पदक पक्का हो चुका है। रोशिबिना बुधवार को सेमीफाइनल में उतरेंगी, जहां उनकी नजर फाइनल में जगह बनाने और पदक का रंग बदलने पर होगी।
हंजाबम लैंग्लेंटोम्बी नौवें स्थान पर रहीं
इससे पहले मंगलवार को भारत की हंजाबम लैंग्लेंटोम्बी देवी ने महिलाओं के नानक्वान एवं नानदाओ फाइनल में हिस्सा लिया। उन्होंने 18.839 अंक के स्कोर के साथ नौवां स्थान हासिल किया। सोमवार को भारत की न्यमान वांग्सु ने महिलाओं के चांगक्वान फाइनल में हिस्सा लिया था और 15वें स्थान पर रहीं।
सूरज सिंह पदक से सिर्फ 0.040 अंक दूर रहे
भारत के सूरज सिंह मायांगलंबम भी रविवार को पदक के बेहद करीब पहुंचे थे। पुरुषों के चांगक्वान फाइनल में उन्होंने 9.683 अंक हासिल कर 11वां स्थान हासिल किया। 21 खिलाड़ियों के बीच हुए इस मुकाबले में सूरज को क्वालिटी ऑफ मूवमेंट (A-Score) में 5.00 और डिग्री ऑफ डिफिकल्टी (C-Score) में 2.00 अंक मिले, जबकि उनके प्रदर्शन पर कोई कटौती नहीं हुई। उन्हें ओवरऑल परफॉर्मेंस (B-Score) में 2.683 अंक मिले।
मकाओ के कुओंग ची हिन ने 9.723 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि उनके हमवतन ची कुआन सोंग ने 9.720 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। सूरज का स्कोर कांस्य पदक के स्कोर से सिर्फ 0.040 अंक कम रहा। रोशिबिना के पदक पक्का करने के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में वुशु में भारत की पदक तालिका का खाता खुल गया है।