वर्ल्ड कप फाइनल्स के पहले दिन गोल्ड के साथ धमाकेदार शुरूआत के बाद भारतीय शूटर रवि कुमार दूसरे दिन कोई कमाल नहीं दिखा पाए। पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल्स में खेल रहे रवि कुमार 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल में जरूर पहुंचे, लेकिन वहां कुछ खास नहीं कर पाए। वह फाइनल में पहुंचे आठ शूटरों में अंतिम स्थान पर रहे।
हंगरी के पेनी इस्तवान ने 249.8 का स्कोर कर अपने नाम गोल्ड किया। वहीं ओलंपिक में तीन गोल्ड एक सिल्वर और दो कांस्य जीतने वाली महान शॉट गन शूटर अमेरिका की किंबरली रोडे ने वर्ल्ड कप में अपना 11वां गोल्ड जीता। उन्होंने स्कीट में फाइनल के विश्व रिकार्ड की बराबरी करते हुए गोल्ड जीता।
फाइनल में रवि की शुरूआत बेहतरीन रही। उनके पहले तीन निशाने 10.5, 10.3, 10.2 पर लगे, लेकिन चौथा निशाना उनका 9.2 पर लगा और यहीं से वह पिछड़ गए। बाद में रवि ने स्वीकार भी किया कि नौ पर उनका निशाना लगना बेहद खराब रहा। इसके बाद वह कभी नहीं उबर पाए। वह अपने इस प्रदर्शन से बेहद निराश हैं। इससे पहले क्वालीफाइंग राउंड में रवि ने 623.9 का स्कोर किया और यहां वह पांचवें स्थान पर थे। रवि के रूप में आज भारत की एकमात्र चुनौती थी।
वहीं कल 10 मीटर एयर पिस्टल में जीतू और हीना की जोड़ी से मिक्स इवेंट का फाइनल हारने वाली फ्रांस की सेलीन गोबरविल आज बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 10 मीयर एयर पिस्टल का गोल्ड अपने नाम किया। स्कीट में किंबरली और इटली की डायना बकोसी के बीच 56 के स्कोर पर गोल्ड के लिए टाई शूट हुआ जिसमें किंबरली ने बाजी ने मारी।