इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के चुनाव में नाटकीय घटनाक्रम के तहत रविवार को अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रंधीर सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया। उन्होंने इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के पत्र का हवाला देते हुए आईओसी सदस्य होने के नाते नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह कदम उठाया।
इसके साथ ही अब अध्यक्ष पद के लिए अभय सिंह चौटाला चुनाव मैदान में रह गए हैं। चौटाला के कवरिंग उम्मीदवार के तौर पर खड़े हुए राज चोपड़ा ने भी अध्यक्ष पद के चुनाव से नामांकन वापस ले लिया है। हालांकि रंधीर ने नामांकन वापस लिया है लेकिन उनके किसी खेमे ने अब तक यह कदम नहीं उठाया है।
माना जा रहा है कि उनके खेमे के सेक्रेटरी जनरल पद के उम्मीदवार मुरुगन समेत दूसरे भी यह कदम उठा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक नामांकनों की छटनी के दौरान पाया गया कि नामांकन पत्रों में जन्मतिथि दर्शाए जाने का कोई प्रावधान ही नहीं है। जबकि चुनाव स्पोर्ट्स कोड के अनुसार हो रहे हैं, जिसमें उम्मीदवारों की आयु सबसे बड़ा मुद्दा है।
चौटाला कैंप की ओर से मुरुगन की आयु को लेकर आपत्ति जताई गई थी लेकिन रिटर्निंग आफिसर रिटायर्ड चीफ जस्टिस वीके बाली की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पैनल ने पाया कि आईओसी और सरकारी पैटर्न के मुताबिक भरे जा रहे नामांकनों में जन्मतिथि का कॉलम ही नहीं है। इसके बाद चौटाला कैंप से आपत्ति पर अधिक आयु होने का पुख्ता प्रमाण मांगा गया लेकिन किसी ने भी यह प्रमाण उपलब्ध नहीं कराए, जिसके चलते मुरुगन के नामांकन को जायज ठहरा दिया गया।
रंधीर सिंह ने कहा कि आईओसी ओलंपिक चार्टर के अनुसार चुनाव कराने के निर्देश दे चुकी है और वह खुद आईओसी सदस्य हैं, ऐसे में स्पोर्ट्स कोड के अनुसार हो रहे चुनाव में वह खड़े नहीं हो सकते। अब सारी निगाहें आईओसी पर जा टिकीं हैं। आईओए को 30 नवंबर तक आईओसी के पत्र का जवाब देना है। चुनाव होने की स्थिति में आईओसी की ओर से आईओए पर प्रतिबंध लगना तय है।