राही सरनोबत ने कोरिया के चांगवान में चल रहे आईएसएसएफ विश्व कप की 25 मी पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में स्थानीय निशानेबाज केयोंगे किम को 8.6 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इससे वह विश्व कप में नए नियमों से सोने का तमगा जीतने वाली पहली भारतीय पिस्टल निशानेबाज भी बन गई। राही इससे उन राइफल निशानेबाजों के इलीट क्लब में शामिल हो गई, जिन्होंने भारत के लिए आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीते हैं।
इनमें अंजलि भागवत, गगन नारंग, संजीव राजपूत, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, रंजन सोढी और मानवजीत सिंह संधू शामिल हैं। राही ने अमेरिका में 2011 आईएसएसएफ विश्व कप में कांस्य पदक जीता था।
इस भारतीय निशानेबाज ने 584 के कुल स्कोर से चौथे स्थान से सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। इसके बाद वह 15 अंक से दूसरी सर्वश्रेष्ठ सेमीफाइनललिस्ट के तौर पर फाइनल में पहुंची। किम पांच सीरीज में 16 अंक हासिल कर पहली सेमीफाइनललिस्ट थीं।
अन्य भारतीयों के लिए यह दिन निराशाजनक रहा। 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदकधारी अनीसा सैयद 572 के स्कोर से 21वें स्थान जबकि राष्ट्रीय चैंपियन सुषमा सिंह 570 के स्कोर से 26वें स्थान पर रहीं।
वहीं 10मी एयर राइफल स्पर्धा में तीन भारतीय दावेदारों में से कोई भी फाइनल में प्रवेश नहीं कर सकी। राष्ट्रीय चैंपियन अपूर्वी चंदेला 407.8 के कुल स्कोर से 30वें स्थान पर रहीं। पूजा घाटकर ने 410.3 और एलिजाबेथ सुजान कोशी ने 409.4 का कुल स्कोर बनाया, जिससे वह 25वें स्थान पर रहीं।
क्या हैं नियम
टूर्नामेंट के नए नियमों के मुताबिक शुरुआती राउंड से शीर्ष आठ निशानेबाज सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करते हैं, जिसमें एक निशानेबाज को पांच शाट की प्रत्येक सीरीज में भीतर के 10 अंक पर निशाने के अनुसार स्कोर मिलता है। फिर दो शीर्ष निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करते हैं, जिसमें तीसरे और चौथे स्थान के निशानेबाज कांस्य पदक के प्ले ऑफ के लिए एक-दूसरे के आमने सामने होते हैं।
‘मेरा सपना सच हो गया। मैं कोच अनातोली पुदुबनी के साथ पिछले कुछ महीनों से गन ऑफ ग्लोरी एकेडमी में कड़ी मेहनत कर रही थी। मैं लक्ष्य और वास्कोन के सहयोग का शुक्रिया अदा करती हूं।’
- राही सरनोबत
‘सरनोबत को इस शानदार कामयाबी के लिए बधाई।’
- रणइंदर सिंह, अध्यक्ष भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ