भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने एक बार फिर अपनी शानदार खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सिंधू ने रविवार को जर्मनी में खेले गए हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट का महिला एकल खिताब अपने नाम कर लिया। यह इस सीजन में उनका दूसरा खिताब है। इस बड़ी सफलता के बाद सिंधू ने सोशल मीडिया पर खास संदेश साझा करते हुए देशवासियों का आभार जताया और अपनी सफलता का श्रेय हनुमान जी की कृपा को दिया।
'31 इज द न्यू 21', सिंधू ने सोशल मीडिया पर कही दिल की बात
खिताबी जीत के बाद पीवी सिंधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने जर्मन भाषा के शब्द 'Danke schön' (बहुत-बहुत धन्यवाद) के साथ अपने संदेश की शुरुआत की। इसके साथ ही उन्होंने अपनी उम्र को लेकर मजाकिया अंदाज में लिखा, '31 इज द न्यू 21'।
सिंधू ने लिखा, 'Danke schön, GERMANYYYYY!!!!!!! कहते हैं कि 31 नया 21 है। मैं इस बात से असहमत नहीं होने वाली। करियर के हर उतार-चढ़ाव में हनुमान जी की कृपा बनी रही। अभी भी लक्ष्य का पीछा जारी है और हमेशा रहेगा।' अपने इस संदेश के जरिए सिंधू ने मुश्किल दौर और सफलताओं के बीच लगातार साथ देने के लिए हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था जताई।
फाइनल में डेनमार्क की खिलाड़ी को सीधे गेम में हराया
हाइलो ओपन के महिला एकल फाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त पीवी सिंधू का सामना डेनमार्क की आठवीं वरीयता प्राप्त लाइन होजमार्क कजर्सफेल्ड से हुआ। सिंधू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 21-12, 21-14 से अपने नाम किया। उन्होंने महज 39 मिनट में फाइनल जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया। मैच के पहले गेम में सिंधू ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उनके सटीक शॉट्स, शानदार नेट प्ले और चतुराई भरे खेल के सामने डेनमार्क की खिलाड़ी टिक नहीं सकीं। सिंधू ने पहला गेम 21-12 से जीता। दूसरे गेम में भी भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआत में 6-3 की बढ़त बनाई और बाद में स्कोर 17-11 तक पहुंचा दिया। अंत में कजर्सफेल्ड की नेट पर हुई गलती का फायदा उठाकर सिंधू ने पहले ही मैच प्वाइंट पर मुकाबला जीत लिया।
जापान ओपन के बाद सीजन का दूसरा खिताब
हाइलो ओपन में मिली इस जीत के साथ ही पीवी सिंधू ने मौजूदा सीजन का दूसरा खिताब अपने नाम कर लिया है। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीता था। वहीं, पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में उन्हें उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। इस जीत से सिंधू को 9,200 रैंकिंग अंक भी मिले हैं। इससे सीजन के अंत में होने वाले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने की उनकी उम्मीदों को मजबूती मिली है।