शायद यह एशियाई खेलों में पदक जीतने का का खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा ईनाम था। आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन पदक विजेताओं को अपने आवास पर नाश्ते के लिए जो बुलाया था।
इस दौरान पीएम ने अपने अंदाज से सभी पदक विजेताओं में न सिर्फ नया जोश भर दिया बल्कि उन्हें सम्मोहित कर दिया। गुरबाज हों, मनप्रीत या फिर दीपिका पल्लीकल सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर अपने को अभीभूत मान रहे थे।
पीएम ने खिलाड़ियों से यहां तक कह डाला कि अगर उनके पास खेलों के उत्थान को कोई सलाह है तो वह उनसे व्यक्तिगत रूप से मिल सकते हैं। उनकी यही अदा खिलाड़ियों के दिलों को छू गई। पीएम ने स्वच्छ भारत अभियान में योगदान देने के लिए सचिन तेंदुलकर और एमसी मैरीकॉम की सराहना की।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ी राजनीतिज्ञों की तरह देश की तरक्की में योगदान दे सकते हैं। मैरीकॉम ने ही पीएम के संबोधन के बाद धन्यवाद भाषण दिया। हॉकी खिलाड़ी गुरबाज और मनप्रीत के लिए यह लम्हा किसी सपने के पूरा होने जैसा था।
गुरबाज कहते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री की यह बात दिल को छू गई जब उन्होंने कहा कि वह देश को खेलों का उसका स्वर्णिम युग वापस दिलाना चाहते हैं। वह देश को खेलों का गढ़ बनाना चाहते हैं। गुरबाज कहते हैं कि उन्हें नहीं मालूम था कि पीएम खेलों के बारे में भी इतना सोचते हैं।
खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने भी कहा कि जब पीएम उन्हें मिलते हैं हमेशा यही पूछते हैं कैसा चल रहा है?
मनप्रीत कहते हैं कि पीएम ने हॉकी को उसके पुराने दिन वापस लौटाने के लिए हर संभव मदद देने की बात कही। बॉक्सिंग कोच जीएस संधू बताते हैं कि जिस तरह से यह समारोह आयोजित किया गया वह शानदार था। प्रधानमंत्री ने दोस्तों की तरह से उनसे बात की।
स्क्वैश खिलाड़ी दीपिका पल्लीकल ने तो यहां तक कहा कि पीएम से मिलना जीवन के सबसे अहम क्षणों में से एक था। आखिर रोजाना तो प्रधानमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकती है।