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हॉकी इंडिया: वॉन एस की छुट्टी तय, ओल्टमेंस संभालेंगे कमान

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हॉकी टीम के साथ पिछले 10 सालों में जितने भी विदेशी कोच जुड़े किसी का कार्यकाल महज पांच माह नहीं रहा। डच कोच पॉल वॉन एस के सिर यह सेहरा चढ़ने जा रहा है। हॉकी इंडिया की ओर से गठित नौ सदस्यीय कमेटी ने वॉन एस को हटाने की सिफारिश कर दी है।
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कमेटी का इस फैसले के पीछे यह तर्क है कि वॉन एस ने वर्ल्ड हॉकी लीग सेमीफाइनल्स के दौरान किसी भी मैच की रिपोर्ट फेडरेशन को नहीं दी, साथ ही उन्होंने भारत आने के लिए लिए हवाई टिकट नहीं दिए जाने के बारे में झूठ बोला। खास बात यह है कि चार घंटे तक चली बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन जिस कोच को हटाने की सिफारिश की गई है उससे एक बार भी बात करने की जरूरत नहीं समझी गई।

ऐसे में उन्हें हटाने की सिफारिश का फैसला कई सवाल खड़े करता है। वॉन एस की जगह एचआई के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर रोलैंट ओल्टमेंस को टीम की कमान देने की तैयारी कर ली गई है। एचआई वॉन एस को हटाने और ओल्टमेंस की नियुक्ति की सिफारिश साई से जल्द करेगा।
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ओलंपियन हरबिंदर सिंह की अगुवाई वाली कमेटी ने वर्ल्ड हॉकी लीग के बुरे प्रदर्शन का ठीकरा भी वॉन एस के जिम्मे फोड़ा है। कमेटी ने कहा है कि टीम को पेनाल्टी कार्नर खाने की आदत पड़ गई है, जबकि इन्हें गोल में बदलने की कमजोरी जस की तस खड़ी है। डी में ट्रैपिंग की कमजोरी को भी दूर करने को कहा गया है।
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खिलाड़ी भी खुश नहीं थे वॉन एस से

वॉन एस के स्‍थान पर टीम में ओल्टमेंस की जगह पक्की मानी जा रही है। यह भी बात सामने आई है कि टीम के ज्यादातर खिलाड़ी वॉन एस से खुश नहीं थे। जिस तरह से वर्ल्ड हॉकी लीग में उन्होंने खिलाड़ियों की पोजीशन में परिवर्तन किया उसका कईयों ने विरोध किया। खासतौर पर गुरबाज सिंह ने तो खुलेआम उनके खिलाफ बोला। सूत्र बताते हैं कि ज्यादातर खिलाड़ी भी यही चाहते हैं कि वॉन एस की जगह ओल्टमेंस टीम की कमान संभालें। ओल्टमेंस को टीम का कोच बनाए जाने की सिफारिश का एक बड़ा कारण यह भी है।

गुरबाज सिंह पर कार्रवाई की सिफारिश
कमेटी ने गुरबाज सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की है। गुरबाज का कोच वॉन एस को अपशब्द कहने के मामले को कमेटी ने गंभीरता से लिया है। यह पहला मामला नहीं है जब गुरबाज अनुशासन को लेकर निशाने पर हैं। कमेटी ने एचआई से सिफारिश की है कि इस खिलाड़ी की काउंसलिंग कराई जाए जिससे वह अपना आचरण सुधार सकें। हॉकी टीम गेम है इसमें अनुशासनहीनता बरदाश्त नहीं की जा सकती है। अगर काउंसिलिंग के बावजूद गुरबाज नहीं सुधरते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

भारतीय कोच जुड़ेंगे सीनियर टीम से
कमेटी ने यह भी सिफारिश की है कि जूनियर टीम के साथ जुड़े कुछ भारतीय कोचेज को सीनियर टीम के साथ लगाया जाए। जिससे विदेशी कोच और खिलाड़ियों के बीच तालमेल सही ढंग से बिठाया जा सके। कमेटी की यह सिफारिश जूनियर टीम के कोच हरेंदर सिंह की सीनियर टीम में वापसी का संकेत दे रही है। वह नॉब्स के समय में भी सीनियर टीम के साथ थे। (फोटो: ओल्टमेंस)
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