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Vinesh Phogat: 'IOA विनेश के साथ, हमने वजन कम करने की पूरी कोशिश की', पीटी उषा का बयान आया सामने

Wed, 07 Aug 2024 04:18 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

विनेश की मेडिकल टीम का हिस्सा रहे डॉक्टर दिलशॉ पारदीवाला ने कहा- पहलवान आमतौर पर अपने प्राकृतिक वेट कैटेगरी से कम वेट कैटेगरी में हिस्सा लेने की कोशिश करते हैं। यह उन्हें एक एडवांटेज देता है कि जो पहलवान उनके सामने आएंगे, वह उनसे कम ताकतवर होंगे। यह जो वजन घटाने की प्रक्रिया है वजन मापने वाले कार्यक्रम से पहले, उसमें काफी रिस्क होता है।
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विनेश से मिलीं पीटी उषा - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत को बुधवार को तब बड़ा झटका लगा, जब कुश्ती में फाइनल में पहुंच चुकीं विनेश फोगाट को तय वजन से ज्यादा वजन होने की वजह से डिसक्वालिफाई कर दिया गया। महिलाओं की 50 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में आज विनेश को फाइनल खेलना था। हालांकि, उससे पहले वजन मापने के दौरान उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा रहा। विनेश फोगाट की अयोग्यता पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा है, 'विनेश की अयोग्यता बहुत चौंकाने वाली है। मैं कुछ समय पहले ओलंपिक गांव पॉलीक्लिनिक में विनेश से मिली थी और उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ, सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया था।'
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पीटी उषा ने क्या कहा?

विनेश फोगाट और सुसाकी - फोटो : Twitter
पीटी उषा ने कहा, 'हम विनेश को सभी तरह की चिकित्सा और भावनात्मक सहायता प्रदान कर रहे हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ ने UWW के सामने अपील किया है कि वह विनेश को डिस्क्वालिफाई करने के फैसले पर फिर से विचार करें। और कहा कि हम नियमों का यथासंभव मजबूत तरीके से पालन कर रहे हैं। मैं विनेश की चिकित्सा टीम द्वारा पूरी रात किए गए अथक प्रयास से अवगत हूं, ताकि वह प्रतियोगिता की आवश्यकताओं को पूरी कर सकें। वह पूरी रात मेहनत करती रहीं। आईओए पूरा प्रयास कर रहा कि इस घटना के बाद भारतीय दल का उत्साह बना रहे। मुझे भरोसा है कि हर भारतीय विनेश और पूरे भारतीय दल के साथ इस मुश्किल घड़ी में खड़ा है।'

मेडिकल टीम का हिस्सा रहे डॉक्टर ने क्या कहा?

विनेश फोगाट - फोटो : Twitter
पेरिस में भारतीय दल के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिनशॉ पारदीवाला ने कहा- पहलवान आमतौर पर अपने प्राकृतिक वेट कैटेगरी से कम वेट कैटेगरी में हिस्सा लेने की कोशिश करते हैं। यह उन्हें एक एडवांटेज देता है कि जो पहलवान उनके सामने आएंगे, वह उनसे कम ताकतवर होंगे। यह जो वजन घटाने की प्रक्रिया है वजन मापने वाले कार्यक्रम से पहले, उसमें काफी रिस्क होता है और काफी सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। इसमें एथलीट्स को खाने और पीना संबंधी सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। इसके अलावा एथलीट को काफी पसीना बहाना होता है। यह एक यंत्र के द्वारा किया जाता है और व्यायाम का इस्तेमाल होता है। यह भले ही उन्हें हल्के वेट कैटेगरी में ले जाता है, लेकिस इससे एथलीट में कमजोरी और ऊर्जा मे कमी आती है। इससे आपको उस कैटेगरी में खेलने में मुश्किल आती है।

एक दिन में 1.5 किलो फूड इनटेक करती हैं विनेश

विनेश फोगाट - फोटो : Twitter
उन्होंने कहा- कुछ एथलीट्स इस प्रक्रिया को खास तरीके से लेते हैं। वह सीमित मात्रा में पानी पीते हैं और अधिक ऊर्जावान खाना लेते हैं। हालांकि, यह वजन मापने के बाद ही इस्तेमाल किया जाता है। जो डाइड दी जाती है, वह आमतौर पर खिलाड़ी के व्यक्तिगत न्यूट्रीशनिस्ट की सलाह पर दिया जाता है और एथलीट का खास ध्यान रखकर दिया जाता है। विनेश के न्यूट्रीशिनिस्ट ने कहा कि आमौतर पर पूरे दिन में विनेश 1.5 किलोग्राम भोजन ग्रहण करती हैं, जो उन्हें काफी ऊर्जा देती है और वह कितने भी बाउट लड़ सकती हैं।'

डॉक्टर ने कहा- कभी कभी ऐसा होता है कि एथलीट का किसी बाउट के बाद रीबाउंड वजन बढ़ जाता है। कल विनेश ने तीन बाउट लड़े और उन्हें डिहाईड्रेशन से बचाने के लिए उन्हें पानी पिलाया जाता रहा। वह पानी पीती रहीं और तीन बाउट के बाद यह पाया गया कि उनका वजन बढ़ चुका था, जो कि आम वजन से ज्यादा था। इसके बाद फीजियो ने वही तरीका अपनाया जो आमतौर पर विनेश के लिए उन्होंने इस्तेमाल किया है। उन्हें विश्वास था कि इससे काम बन जाएगा। हमने रात भर वह तरीका अपनाया।'
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100 ग्राम ज्यादा रहा वजन

विनेश फोगाट - फोटो : https://www.instagram.com/vineshphogat/
डॉक्टर ने कहा- हालांकि, कितना भी प्रयास करने के बाद उनका वजन 50 किलग्राम से 100 ग्राम ज्यादा रहा और उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया। हमने रात भर हर वह तरीका अपनाया, जिससे उनके वजन को कम किया जा सके। इनमें उनके बालों को काटना, उनकी जर्सी को और हल्का करना शामिल है। हालांकि, इन सभी प्रयासों के बावजूद हम 50 किलोग्राम वजन कर पाने में नाकाम रहे। डिसक्वालिफिकेशन के बाद उन्हें एहतियात के तौर पर लिक्विड दिया गया, जिससे वह डिहाईड्रेशन से बच सकें। इसके अलावा हमने उनका ब्लड टेस्ट भी करवाया, ताकि यह पता चल सके कि वह ठीक हैं। यह हम यहां लोकर ओलंपिक अस्पताल की मदद से कर रहे हैं। यह जो भी प्रक्रिया अपनाई गई, उसमें विनेश ने खुद को ठीक पाया और वह पूरी तरह से ठीक थीं। विनेश ने पीटी उषा से मुलाकात की है और उन्हें बताया है कि वह शारीरिक तौर पर मेडकल तौर पर ठीक हैं, लेकिन इस बात से निराश हैं कि यह उनका तीसरा ओलंपिक था और वह इस तरह से डिसक्वालिफाई हुई हैं। 
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