पहलवान विनेश फोगाट ओलंपिक महिला 50 किग्रा कुश्ती के सेमीफाइनल मैच में क्यूबा की गुजमान लोपेज को 5-0 हराकर पदक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया है। राजनेताओं से लेकर दिग्गज एथलीट्स ने विनेश को बधाई दी है। इसी कड़ी में 2020 टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया ने भी विनेश को लेकर भावुक संदेश लिखा है। बजरंग ने लिखा- विनेश ने इतिहास रच दिया है। विनेश महिला कुश्ती में ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। आज सब भारतीयों की आंखों में आसूं हैं।
बजरंग ने लिखा, 'ये देश की बेटियां हैं, जिन्होंने हमेशा ही देश की शान बढ़ाई है। जिन लोगों ने हमेशा इन बेटियों की राह में कांटे बिछाए हैं, वे कम से कम इन बेटियों से सबक लेंगे और आगे इन बेटियों के राह में कांटे बीजने से बाज आएंगे।' बजरंग के इस बयान को पहलवानों के विरोध प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले साल पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसको लेकर बजरंग, विनेश समेत कई पहलवानों ने धरना प्रदर्शन किया था। बाद में बृजभूषण को पद से हटना पड़ा था। बजरंग का तंज इसी दिशा में जोड़कर देखा जा रहा है।
अभिनव बिंद्रा ने क्या लिखा
वहीं, 2008 बीजिंग ओलंपिक में शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाले अभिनव बिंद्रा ने लिखा- लिगामेंट में चोट आई, कम वजन वाली श्रेणी ली, एक अजेय विश्व चैंपियन! आपके रास्ते में कोई भी नहीं है विनेश फोगाट। जैसे ही वह स्वर्ण के लिए उतरेंगी, मैं भारत को चीयन करने के लिए और इंतजार नहीं कर सकता। आपका लचीलापन और ताकत हम सभी को प्रेरित करती है। क्या प्रेरणादायक दिन है, एक और स्वर्ण की आशा है!
चैंपियन की पहचान, मैदान पर जवाब देना है: पहलवान विनेश की जीत पर राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी विनेश की जीत पर बधाई दी। उन्होंने पहलवान विनेश फोगट की सराहना करते हुए कहा कि चैंपियन की पहचान मैदान पर अपने खेल / प्रदर्शन से जवाब देना है। राहुल ने कहा, 'एक ही दिन में दुनिया की तीन शीर्ष पहलवानों को हराने के बाद विनेश के साथ पूरा देश भावुक है।' बता दें कि विनेश फोगट ने 50 किग्रा भार वर्ग में क्यूबा की युस्नेलिस गुजमान लोपेज को 5-0 से मात दी। इस शानदार जीत के साथ ओलंपिक खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली विनेश पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। साथ ही उन्होंने कम से कम रजत पदक पक्का कर भारत की स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदों को भी जिंदा रखा है।