भारत ने 10 मीटर पुरुष एयर पिस्टल और राइफल मिश्रित टीम इवेंट में निराशाजनक प्रदर्शन किया और इन दोनों वर्ग में कोई भारतीय निशानेबाज फाइनल में भी जगह नहीं बना सका। एयर राइफल मिश्रित टीमों की असफलता के बाद शनिवार को सरबजोत सिंह और अर्जुन सिंह चीमा ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में अपना प्रभाव छोड़ने की कोशिश की, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके और क्वालिफिकेशन दौर से ही बाहर हो गए।
करीब आकर चूके सरबजोत
सरबजोत क्वालिफिकेशन में 577 के कुल स्कोर के साथ नौवें स्थान पर रहे, जबकि अर्जुन 574 के स्कोर के साथ 18वें स्थान पर रहे। आठवें स्थान के साथ फाइनल में जगह बनाने वाले जर्मनी के रॉबिन वाल्टर का स्कोर भी 577 था लेकिन उन्होंने सरबजोत के 16 के मुकाबले 17 सटीक निशाने लगाए थे। सरबजोत चौथी सीरीज में परफेक्ट 100 का स्कोर करने के बाद शीर्ष तीन में पहुंच गए थे, लेकिन 22 साल का यह निशानेबाज लय बरकरार रखने में नाकाम रहा और मामूली अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गया। चीमा भी एक समय चौथे स्थान पर पहुंच गए थे, लेकिन वह भी इस लय का बरकरार नहीं रख सके।
चीमा-सरबजोत ने एशियाई खेलों में जीता था स्वर्ण
चीमा और सरबजोत दोनों उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने पिछले साल हांगझोऊ में एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल टीम स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले भारतीय निशानेबाज 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन चरण में बाहर हो गए थे। भारत की दो जोड़ियां इस स्पर्धा में भाग ले रही थी। रमिता जिंदल और अर्जुन बाबूता 628.7 के कुल स्कोर के साथ छठे, जबकि इलावेनिल वलारिवन और संदीप सिंह 626.3 के कुल स्कोर के साथ 12वें स्थान पर रहे। इस वर्ग से शीर्ष चार टीम को ही पदक दौड़ के लिए क्वालिफाई करना था।