जापान के आइची-नागोया पैरा एशियाई खेलों 2026 में भारत के लिए पदक की सबसे बड़ी उम्मीद वाले खेलों में बैडमिंटन भी शामिल है, जिसमें पिछली बार भी भारतीय पैरा शटलर्स ने चार स्वर्ण पदक जीते थे। लगातार चौथा पैरा एशियाड खेलने जा रहे अनुभवी पैरा शटलर प्रमोद भगत की अगुआई में भारत के सामने इस बार भी चीन और इंडोनेशिया की ही कड़ी चुनौती रहेगी। प्रमोद को भारतीय दल का पुरुष ध्वजवाहक भी चुना गया है। यह उपलब्धि निश्चित तौर पर उन्हें और पदक जीतने के लिए प्रेरित करेगी।
पिछले पैरा एशियाड में कैसा था प्रदर्शन
चार स्वर्ण पदक भारतीय पैरा शटलर्स ने हांगझोऊ पैरा एशियाड 2022 में जीते थे। 10 स्वर्ण पदक के साथ चीन और पांच स्वर्ण के साथ इंडोनेशिया ही ये भारत से आगे था।
भारत की उम्मीद
- भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम की घोषणा अभी होनी बाकी है।
- पुरुष वर्ग में प्रमोद भगत का नाम टीम में होना तय है।
- 2022 पैरा एशियाड के स्वर्ण पदक विजेता है प्रमोद। उन्होंने 2026 पैरा विश्व चैंपियनशिप में भी दो स्वर्ण जीते हैं।
- नितेश कुमार को भी एसएल-3 में जगह मिलने की उम्मीद है।
- चुत्लासिमधी मुरुडेसन महिला एसयू-5 वर्ग में शामिल रहेंगी।
फिर पार होगा 100 पदक का आंकड़ा?
ग्वांगझू (चीन) 2010 से अब तक पैरा एशियाड के चार संस्करण हुए हैं, जिनमें भारत ने पदकों का जखीरा हर बार बढ़ाया है। पहले संस्करण में 14 पदक जीतकर 15वें स्थान पर रहे भारत ने हांगझोऊ 2022 पैरा एशियाड में रिकॉर्ड 111 पदक के साथ पांचवां स्थान पाया था। इस बार पदक संख्या और बढ़ाने का लक्ष्य रहेगा। 2026 पैरा एशियाड 18 से 24 अक्तूबर तक जापान के आइची नागोया में होंगे। इसमें 45 देशों के 3,000 पैरा एथलीट भाग ले रहे हैं। कुल 18 खेल और 492 पदक इवेंट होंगे। इसके लिए 121 पैरा एथलीटों का भारतीय दल (80 पुरुष व 41 महिलाएं) जापान जा रहे हैं। इस बार भी भारतीय महिला पैरा एथलीटों से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।