भारतीय मुक्केबाज सचिन (56 किग्रा) ने पोलैंड के किलसे में चल रही युवा विश्व चैंपियनशिप में देश को ऐतिहासिक आठवां स्वर्ण पदक दिलाया। एक दिन पहले सात महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण अपनी झोली में डाले थे। भारत ने इस तरह अपने अभियान का अंत 11 पदक से किया, जिसमें आठ स्वर्ण और तीन कांस्य पदक शामिल थे। इससे भारत तालिका में शीर्ष स्थान पर रहा।
भारत ने टूर्नामेंट के 2018 चरण में दो स्वर्ण, दो रजत और छह कांस्य पदक जीते थे तो इस चरण में यह देश का सुधरा हुआ प्रदर्शन रहा। वर्ष 2016 के बाद सचिन पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज हैं जो स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। उनके ही नाम के समान सचिन सिवाच ने उस चरण में स्वर्ण पदक जीता था। सचिन ने कजाकिस्तान के येरबोलाट साबिर को 4-1 से शिकस्त दी।
भारतीय मुक्केबाज ने अच्छी शुरुआत की और उनके जवाबी हमले काफी प्रभावी रहे, लेकिन कजाकिस्तान के मुक्केबाज ने शुरुआती राउंड 3-2 से जीत लिया। इसके बाद सचिन ने दूसरे राउंड में हमले तेज कर दिए और सही जगह पड़े मुक्कों ने उन्हें अंक दिलाए। विभाजित फैसले से दूसरा राउंड उनके नाम रहा, लेकिन तीसरे राउंड में सचिन ने शानदार तरीके से साबिर को पस्त कर जीत हासिल की।
एक दिन पहले गीतिका (48 किग्रा), बेबीरोजिसाना चानू (51 किग्रा), पूनम (57 किग्रा), विंका (60 किग्रा), अरुधति चौधरी (69 किग्रा), थोकचोम सानामाचू चानू (75 किग्रा) और अलफिया पठान (81 किग्रा से अधिक) ने स्वर्ण पदक जीते। इससे पहले पुरुष ड्रा में एशियाई युवा रजत पदक विजेता अंकित नरवाल (64 किग्रा), बिश्वामिता चोंगथोम (49 किग्रा) और विशाल गुप्ता (91 किग्रा) ने सेमीफाइनल में मिली हार से कांस्य पदक जीता था।