भारतीय पहलवान साक्षी मलिक कजाखस्तान में यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरीज इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही हैं। इस टूर्नामेंट में साक्षी स्वर्ण जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान हैं। मानसी अहलवात और दिव्या काकरण ने भी स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
पांच साल में पहली बार साक्षी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। पिछली बार 2017 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण जीता था। इसके बाद वो एशियन चैंपियनशिप 2020 और 2022 में कांस्य पदक जीती थीं।
साक्षी ने कजाखस्तान की इरिना कुज्नेत्सोवा के खिलाफ टेक्निकल सुपरियरिटी से जीत हासिल कर शानदार शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने उज्बेकिस्तान की रूसाना आब्दिरासुलोवा को 9-3 से हरा दिया। सेमीफाइनल में मंगोलिया की सेरेन्चाइम्ड सुखी ने हार मान ली और दोनों के बीच मुकाबला नहीं हुआ। फाइनल में साक्षी के सामने एक बार फिर से कुज्नेत्सोवा थीं। उन्होंने एक बार फिर से जीत हासिल की। साक्षी ने खिताबी मुकाबले को 7-4 से अपने नाम कर लिया।
मानसी अहलावत ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में कजाखस्तान की एमा टिसिना को 3-0 से हराकर स्वर्ण पर कब्जा किया। वहीं, दिव्या काकरन ने 68 किलोग्राम भारवर्ग में मंगोलिया की देलग्रेमा एन्खसाइखान और कजाखस्तान की अल्बिना कैरगेल्डिनोवा को हराकर फाइनल में अपना स्थान बनाया था। वहां, उन्हें मंगोलिया की बोलोरतुंगालाग जोरिट के खिलाफ 10-14 से हार का सामना करना पड़ा।
जोरिट भी दिव्या की तरह दो मैच में जीत हासिल की और एक में शिकस्त। चार पहलवानों की इस प्रतियोगिता में बेहतर नतीजों के कारण दिव्या को विजेता घोषित किया गया। इस तरह भारत को तीसरा स्वर्ण मिल गया। इससे पहले ग्रीको-रोमन पहलवान नीरज ने 63 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य जीता था।