अनुभवी भारतीय पहलवान दीपक पूनिया को इस्तांबुल में जारी विश्व ओलंपिक क्वालीफायर के पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा जिससे उनके पेरिस ओलंपिक क्वालीफिकेशन को तगड़ा झटका लगा है। हालांकि युवा पहलवान अमन सहरावत 57 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं और वह ओलंपिक कोटा हासिल करने से महज एक कदम दूर हैं। अब तक कोई भारतीय पुरुष पहलवान ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका है और भारतीय पहलवानों के पास पेरिस खेलों में शामिल होने का यह आखिरी अवसर है।
रेपचेज के जरिये आगे बढ़ सकते हैं दीपक
टोक्यो ओलंपिक में मामूली अंतर से कांस्य पदक से चूके दीपक पूनिया 86 किग्रा के पहले मुकाबले में चीन के ताकतवर जुशेन लिन पर बढ़त लेने के बावजूद 4-6 से हार गए। अब पूनिया का भाग्य रेपेचेज दौर पर टिका है जिसके लिए चीन के इस पहलवान को फाइनल में पहुंचना होगा। अगर जुशेन लिन फाइनल में पहुंचने में सफल रहे तो दीपक रेपचेज के जरिये आगे बढ़ सकते हैं। भारतीय टीम में सबसे अनुभवी पहलवान दीपक पूनिया पहले पीरियड में 3-0 से बढ़त बनाए थे। चीन के पहलवान ने वापसी करते हुए स्कोर 4-3 कर दिया और अंत में जीत दर्ज करने में सफल रहे।
अमन का शानदार प्रदर्शन
अंडर-23 वर्ग के विश्व विजेता और सीनियर एशियन चैंपियन का खिताब जीतने वाले अमन से बेहतर प्रदर्शन की आशा थी और उन्होंने निराश नहीं किया। अमन ने पहले जियोर्जी वालेंतिनोव वांगलोव को 10-4 से हराया और फिर यूक्रेन के आंद्री यात्सेंको को मात दी। यात्सेंको ने तेजी से अंक हासिल करने की कोशिश की, लेकिन अमन ने भी अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ वापसी करने में देर नहीं लगाई। अमन बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज करने में सफल रहे।
सुजीत-जयदीप क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
एक तरफ जहां विश्व ओलंपिक क्वालीफायर में पहले दौर में मिली करारी हार के बाद दीपक पूनिया की ओलंपिक क्वालीफिकेशन की उम्मीदों को करारा झटका लगा, वहीं दूसरी ओर युवा पहलवान सुजीत कलकल और जयदीप अहलावत क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में सफल रहे। सुजीत कलकल ने उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जलोलोव के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज की और इसके बाद कोरिया के जुनसिक युन को तकनीकी श्रेष्ठता से हराया। अब उन्हें आगे कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। जयदीप अहलावत ने 74 किग्रा में 1-3 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए मोल्दोवा के वासिल डायकॉन के खिलाफ 5-3 से जीत हासिल की और प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। फिर उन्होंने ऑस्ट्रिया के साइमन मार्चल के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता से जीत दर्ज की। इससे पहले दिन में दीपक (97 किग्रा) और अनुभवी सुमित मलिक (125 किग्रा) अपने पहले दौर के मुकाबले हार गए।