भारतीय कुश्ती महासंघ अगले साल से राष्ट्रीय रैंकिंग व्यवस्था शुरू करेगा। अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी करेगा और 150 के समूह में से ओलंपिक पदक के दावेदार 24 की पहचान करके उन्हें केंद्रीय अनुबंध देगा ।
भारतीय कुश्ती महासंघ के एक सूत्र ने कहा, ‘करीब 150 पहलवानों को अनुबंध मिलेंगे लेकिन उनमें से 24 को अनुबंध ही नहीं बल्कि 2024 ओलंपिक की तैयारी के लिये अलग से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।’
केंद्रीय अनुबंध का ब्यौरा अभी नहीं मिल सका है लेकिन भारतीय कुश्ती महासंघ बीसीसीआई के बाद अपने खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा देने वाला दूसरा राष्ट्रीय खेल संघ बन जाएगा। यह खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त दूसरा खेल संघ होगा जो जूनियर और सब जूनियर पहलवानों को भी करार देगा।
सूत्र ने कहा, ‘हम विभिन्न वर्गों में राष्ट्रीय रैंकिंग शुरू करेंगे। हम अकेले एनएसएफ हैं जो रैंकिंग जारी नहीं करता है । टेनिस, बैडमिंटन सभी में राष्ट्रीय रैंकिंग है सो हमने 2019 में इसे शुरू करने का फैसला किया । इससे खिलाड़ी अपना आकलन कर सकेंगे।’
इसके अलावा यूडब्ल्यूडब्ल्यू द्वारा अधिकृत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट भी भारत में खेले जायेंगे जिनका प्रसारण भी होगा। भारतीय कुश्ती महासंघ ने इस साल टाटा मोटर्स के साथ तीन साल का प्रायोजन करार किया है।
विश्व चैम्पियनशिप में दो पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा कि अनुबंध से खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘पहलवान अब अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। इससे उन्हें अच्छे प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगा।’