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रेसलर बजरंग पूनिया को मिलेगा इस साल राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड

Sat, 17 Aug 2019 08:02 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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बजरंग पूनिया - फोटो : pti
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आखिरकार पहलवान बजरंग के हिस्से में देश का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड आने जा रहा है। बीते वर्ष यह अवार्ड पाने से रह गए बजरंग के नाम की सिफारिश सर्वसम्मति से अवार्ड कमेटी ने की। बजरंग के साथ रियो पैरालंपिक मेडलिस्ट और हाल ही में भाजपा में शामिल हुई पैरा एथलीट दीपा मलिक के नाम की भी इस खेल रत्न के लिए की गई है।

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सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज मुकंदकम शर्मा की अगुवाई वाली 12 सदस्यीय कमेटी ने शुक्रवार को लाइफटाइम अचीवमेंट ध्यानचंद अवार्ड के लिए म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य जीतने वाली हॉकी टीम के सदस्य मैन्युअल फ्रेडरिक्स, टेबल टेनिस के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अरुप बसाक, कॉमनवेल्थ गेम्स के रजत पदक विजेता पहलवान मनोज कुमार, टेनिस खिलाड़ी नितिन कीर्तने और दो बार के ओलंपियन तीरंदाज लालरेमसांगा का नाम आगे बढ़ाया है। खेल मंत्रालय की मुहर लगते ही चयनित नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

इस बार बजरंग एकमत से बने सभी की पहली पसंद
बजरंग को बीते वर्ष यह अवार्ड नहीं दिए जाने पर जबरदस्त विवाद छिड़ा था। उन्होंने अदालत जाने तक की बात कही थी, लेकिन खेल मंत्री से मुलाकात के बाद वह रुक गए थे। इस बार उनके नाम पर कमेटी को कोई दिक्कत नहीं हुई। महिला पहलवान विनेश पर उन्हें वरीयता दी गई।
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विनेश को विश्व चैंपियनशिप में नहीं खेलना महंगा पड़ा। मनिका बत्रा और नीरज चोपड़ा पर तर्क दिया गया कि दोनों को बीते वर्ष अर्जुन अवार्ड दिया जा चुका है। एक प्रदर्शन के लिए दो अवार्ड नहीं दिए जा सकते।

दीपा मलिक को लेकर कमेटी में काफी विरोध भी हुआ। लेकिन उनके अंक सर्वाधिक बन रहे थे, जिसके चलते बजरंग के बाद उनका नाम खेल रत्न के लिए मंत्रालय को बढ़ा दिया गया। शूटर हीना सिद्धू, अंकुर मित्तल, तीरंदाज ज्योति सुरेखा रेस में नहीं आ पाए। अर्जुन और द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए शनिवार को एक बार फिर कमेटी बैठेगी।

 

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पहले एशियाई खेलों के गोल्ड मेडलिस्ट को फिर भुलाया
ध्यानचंद अवार्ड के लिए मंत्रालय को तीन नामों का चयन करना है, लेकिन कमेटी ने वरीयता क्रम के हिसाब से पांच नामों की सिफारिश की है। अंतिम दो नाम नितिन कीर्तने और लालरेमसांगा पर मंत्रालय की राय नहीं बनती है तो उनका नाम कट सकता है। वरना पांचों खिलाडिय़ों को यह अवार्ड मिलेगा।

फ्रेडरिक्स केरल के एकमात्र ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी हैं। वहीं कमेटी ने एक बार फिर पहले एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता तैराक सचिन नाग को फिर भुला दिया है। नाग के बेटे की ओर से पिछले कई वर्षों से अर्जुन अवार्ड के लिए आवेदन किया जा रहा था, लेकिन इस बार उन्होंने लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए ध्यानचंद अवार्ड के लिए आवेदन किया पर उन्हें फिर भुला दिया गया।
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