दरअसल, चीन में 28 अगस्त से आठ सितंबर तक चलने वाले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में सोमालिया ने एक नौसिखिया 100 मीटर स्प्रिंटर नसरा अबुबकर अली को मैदान में उतार दिया था। इस नौसिखिये स्प्रिंटर ने स्प्रिंट जीतने वाली एथलीट से लगभग दोगुना समय लिया। इसके बाद से ही सोमालिया में खेल अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की जाने लगी। सोमालिया के खेल मंत्री मोहम्मद बर्रे मोहमूद ने नसरा को यूनिवर्सिटी गेम्स में 100 मीटर स्प्रिंट में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने जाने के लिए देश से माफी मांगी है। रिपोर्ट के मुताबिक, नसरा को इन खेलों या किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने का अनुभव नहीं था।
सोमालिया के लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि जब नसरा को प्रतियोगिता का कोई अनुभव नहीं था तो उन्हें कैसे और क्यों चुना गया? हालांकि, अब सोमालियन खेल मंत्रालय ने 'द सोमाली एथलीट फेडरेशन' की चेयरवुमन खादिज अदेन दाहिर को सस्पेंड कर दिया है। बयान में यह भी कहा गया है कि नसरा अबुबकर अली की पहचान न तो खिलाड़ी और न ही धावक के रूप में की गई है।
प्रेस रिलीज जारी करते हुए एसोसिएशन ऑफ सोमाली यूनिवर्सिटीज ने कहा है कि उसने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में देश की ओर से प्रतिस्पर्धा करने वाले किसी भी एथलीट को नहीं चुना है। वहीं, सोमाली एथेलिटिक्स महासंघ ने कहा है कि वह इसकी जांच करेगी कि नसरा का चयन कैसे और किस आधार पर किया गया। सोमालिया के खेल मंत्री ने कहा कि उनके देश की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के साथ एक जांच की गई जिसमें पता चला कि नसरा न तो कोई एथलीट थीं और स्प्रिंट में तो उनका कोई अनुभव नहीं था।