अमित के अलावा 63 किग्रा भारवर्ग में मनीष कौशिक ने देश के लिए दूसरा मेडल पक्का किया। मनीष ने क्वार्टरफाइनल में ब्राजील के वांडेरसन डि ओलिवियरा को हराकर अपने लिए पहला मेडल पक्का कर लिया। सेमीफाइनल में पहुंचकर मनीष ने अपने लिए पहला और देश के लिए दूसरा मेडल पक्का किया।
संजीत (91 किग्रा) का सफर क्वार्टर फाइनल में थम गया। सेना के इस मुक्केबाज को इक्वाडोर के जूलियो कैस्टिलो से 1-4 से हार मिली।
भारत ने विश्व चैंपियनशिप के एक चरण में एक कांस्य से अधिक पदक नहीं जीता है। यह पहला मौका है जब दो भारतीय मुक्केबाजों ने पदक तय किए। अभी तक देश ने विजेंदर सिंह (2009), विकास कृष्ण (2011), शिव थापा (2015) और गौरव बिधुड़ी (2017) की मदद से कुल चार कांस्य पदक हासिल किये हैं।