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विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप: अमित-मनीष का पदक पक्का, कविंदर बिष्ट-संजीत को हाथ लगी निराशा

Thu, 19 Sep 2019 08:01 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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अमित पंघाल/मनीष - फोटो : अमर उजाला
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एकातेरिनबर्ग में चल रहे विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में बुधवार को अमित पंघाल (52 किग्रा) और मनीष कौशिक (63 किग्रा) ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर पहली बार इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में पदक भी पक्के कर लिए।

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वहीं, एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता कविंदर सिंह बिष्ट (57 किग्रा) इंग्लैंड के बॉक्सर पीटर मैग्रैल से हार गए। इसके साथ ही उनका कांस्य पदक जीतने का सपना टूट गया। 

एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता रोहतक के पंघाल ने फिलीपींस के कार्लो पालाम को 4-1 से, जबकि राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता कौशिक ने ब्राजील के वांडरसन डि ओलिवेरा को 5-0 से शिकस्त दी। दूसरे वरीय पंघाल ने इससे पहले पालाम को पिछले साल एशियाई खेलों में शिकस्त दी थी। हालांकि उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही और वह पहले दौर के अंत में पालाम से पिछड़ रहे थे। लेकिन सेना के मुक्केबाज ने अगले दो दौर में ज्यादा आक्रामकता बरती। अब अगले दौर में पंघाल का सामना कजाखस्तान के साकेन बिबोसिनोव से होगा।
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अमित ने पिछले साल जकार्ता एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में कार्लो को मात दी थी। अमित 2017 विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में हार गए थे।

मनीष का विजयी पंच

Manish Kaushik - फोटो : social Media
अमित के अलावा 63 किग्रा भारवर्ग में मनीष कौशिक ने देश के लिए दूसरा मेडल पक्का किया। मनीष ने क्वार्टरफाइनल में ब्राजील के वांडेरसन डि ओलिवियरा को हराकर अपने लिए पहला मेडल पक्का कर लिया। सेमीफाइनल में पहुंचकर मनीष ने अपने लिए पहला और देश के लिए दूसरा मेडल पक्का किया।
 

संजीत हारकर बाहर

संजीत - फोटो : social media
संजीत (91 किग्रा) का सफर क्वार्टर फाइनल में थम गया। सेना के इस मुक्केबाज को इक्वाडोर के जूलियो कैस्टिलो से 1-4 से हार मिली।
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पहली बार एक-साथ दो पदक 

भारत ने विश्व चैंपियनशिप के एक चरण में एक कांस्य से अधिक पदक नहीं जीता है। यह पहला मौका है जब दो भारतीय मुक्केबाजों ने पदक तय किए। अभी तक देश ने विजेंदर सिंह (2009), विकास कृष्ण (2011), शिव थापा (2015) और गौरव बिधुड़ी (2017) की मदद से कुल चार कांस्य पदक हासिल किये हैं।
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