मुश्किल दौर से गुजर रही भारतीय तीरंदाजी का भविष्य तय करने के लिए खुद वर्ल्ड आर्चरी ने भारत आकर जांच-पड़ताल करने का फैसला लिया है। वर्ल्ड आर्चरी के सेक्रेटरी जनरल टॉम डिलेन को भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के भाग्य का फैसला करने 25 फरवरी को खुद दिल्ली आना पड़ रहा है।
डिलेन ने खेल मंत्रालय समेत भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अधिकारियों, पदाधिकारियों से मिलने का समय लिया है। वह एएआई के पदाधिकारियों से भी मिलेंगे। इसके बाद भारतीय तीरंदाजों के भविष्य पर फैसला लेंगे।
उन्होंने ऐसे समय में भारत आने का फैसला लिया है जब मंगलवार को एएएआई के संविधान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने खेल मंत्रालय, आईओए को अपनी आपत्तियां विस्तार में रखने के निर्देश दे दिए हैं। साथ ही जवाब भी मांगा है कि एसवाई कुरैशी की ओर से तैयार नया संविधान नेशनल स्पोर्ट्स कोड के अनुसार क्यों नहीं है?
डिलेन ने पहले एएआई को प्रतिबंधित करने का फैसला सुना दिया था, लेकिन नए अध्यक्ष बीवीपी राव के लुजान दौरे के बाद उन्होंने इस मामले की तह में जाने का फैसला लिया है। उनका दौरा एएआई के लिए महत्वपूर्ण है।
खेल मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में कह रखा है कि वर्ल्ड आर्चरी ने संविधान आम सभा में मंजूर नहीं होने के चलते एएआई के चुनाव को खारिज कर उसे प्रतिबंधित करने की बात कही है। ऐसे में डिलेन का फैसला अदालती लड़ाई में बेहद अहम भूमिका निभाएगा।