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मैरीकॉम-निखत जरीन विवाद पर बोले खेलमंत्री रिजिजू, 'देशहित में फैसला करने के लिए कहूंगा'

Fri, 18 Oct 2019 01:37 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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मैरी कॉम और निखत जरीन - फोटो : ट्विटर
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खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने मुक्केबाज निखत जरीन की एमसी मैरीकॉम के खिलाफ ट्रायल मुकाबला कराने की मांग से उठे विवाद में शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह महासंघ को केवल देश और खिलाड़ियों के हित में सर्वश्रेष्ठ फैसला करने के लिए कह सकते हैं। जरीन ने गुरुवार को रिजिजू को पत्र लिखकर चीन में अगले साल होने वाले ओलंपिक क्वॉलिफायर के लिए भारतीय टीम के चयन से पहले मैरीकॉम के खिलाफ ट्रायल मुकाबला आयोजित करने की मांग की थी।

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इससे पहले भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने कहा था कि मैरीकॉम (51 किग्रा) के हाल में रूस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए वह 6 बार की विश्व चैंपियन को चुनने का इरादा रखता है। इसके बाद ही जरीन ने यह पत्र लिखा। रिजिजू ने जरीन के पत्र के जवाब में कहा, 'मैं निश्चित तौर पर मुक्केबाजी महासंघ को देश, खेल और खिलाड़ियों के सर्वश्रेष्ठ हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला करने के लिए कहूंगा। मंत्री को हालांकि खेल संघों द्वारा खिलाड़ियों के चयन में शामिल नहीं होना चाहिए क्योंकि खेल संघ ओलंपिक चार्टर के अनुसार स्वायत्त हैं।'
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मैरीकॉम ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह बीएफआई के फैसले के अनुसार चलेगी। बीएफआई ने पहले कहा था कि विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत पदक विजेता मुक्केबाजों का ही ओलंपिक क्वॉलिफायर के लिए सीधे चयन होगा। जरीन को विश्व चैंपियनशिप से पहले भी ट्रायल मुकाबले का मौका नहीं दिया गया था। महासंघ ने तब इंडिया ओपन और प्रेजिडेंट कप में स्वर्ण पदक जीतने के कारण मैरीकॉम का चयन करने का फैसला किया था। जरीन को भारत के एकमात्र व्यक्तिगत ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता और दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का भी समर्थन मिला है।

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