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कौन है विकास कृष्णन और स्वर्ण पदक के बीच बाधा

Sat, 13 Aug 2016 09:20 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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विकास कृष्णन - फोटो : getty
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तुर्की के मुक्केबाज को हराकर 75 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करने वाले मुक्केबाज विकास कृष्णन ने कहा, रियो में वह सिर्फ स्वर्ण पदक जीतना चाहते हैं। प्री-क्वार्टर फाइनल में तुर्की के मुक्केबाज को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से मात देने के बाद विकास का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। उनका अगला मुकाबला 16 अगस्त को बेकतेमिर मेलिकुजिव से होना है। 
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24 वर्षीय विकास को लगता है उनके और स्वर्ण पदक के बीच केवल एक बाधा है और वह उजबेकिस्तान के मुक्केबाज बेकतेमिर मेलिकुजिव हैं। बेकतेमिर विकास से चार साल छोटे हैं लेकिन ओलंपिक खिताब के प्रबल दावेदार हैं। 

विकास मानते हैं कि वह ग्रुप में सबसे सशक्त मुक्केबाज हैं। विकास का कहना है कि याद रखिए, यदि मैं बेकतेमिर को हराने में सफल हो गया तो स्वर्ण पदक के साथ ही देश वापस लौटूंगा। मैं रजत या कांस्य पदक नहीं चाहता हूं।
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उजबेकिस्तान के इस मुक्केबाज ने साल 2014 में युवा ओलंपिक और युवा विश्व चैंपियनशिप में 75 किग्रा वर्ग का खिताब जीता था। साल 2015 में दोहा में हुई विश्व चैंपियनशिप में भी उन्होंने रजत पदक जीता था। इसके अलावा पिछले साल थाइलैंड में आयोजित एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में विकास को उनके सामने हार का सामना करना पड़ा था। 

ऐसे में विकास बेक्तेमिर मेलिकुजीव को लेकर सतर्क हैं। विकास यह मानते हैं कि वह युवा है ताकतवर है और उसके पास स्टेमिना भी है, लेकिन मेरे खिलाफ उसे लंबाई का फायदा नहीं मिल सकेगा। विकास का मानना है कि वह पिछले साल से बेहतर फॉर्म में हैं, और वह खेलों के सबसे बड़े मंच पर उजबेकिस्तान के मुक्केबाज को हराने में सफल होंगे। 
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