ओलंपिक खेल वैश्विक भाईचारे और समरसता के प्रतीक हैं, लेकिन रियो ओलंपिक में एक ऐसी घटना हुई जिसे देखकर सभी हैरान रह गए। 100 किलो ग्राम भार वर्ग की जूडो स्पर्धा में मिस्र और इजरायल के खिलाड़ी आमने-सामने थे। कांस्य पदक का मुकाबला इजरायल के खिलाड़ी से हारने के बाद मिस्र के इल शेहाबी ने इजरायली खिलाड़ी ओरी सेशन से हाथ मिलाने से इंकार कर दिया।
मैच जीतने के बाद जब इजरायली खिलाड़ी मिस्र के खिलाड़ी से हाथ मिलाने गए तो वह पीछे हटते गए और अपना हाथ आगे नहीं बढ़ाया। इजरायल ने रियो ओलंपिक में दो पदक जीते हैं दोनों ही पदक उसे जूडो में हासिल हुए हैं।
पश्चिम एशिया के कई देशों के इजरायल के साथ अच्छे संबंध नहीं हैं। फिलिस्तीन को लेकर इजरायल और अरब देशों के बीच कई बार युद्ध हो चुके हैं। राजनीतिक मंच पर तो देशों के बीच दूरी होना आम बात है लेकिन ओलंपिक खेलों में जहां विश्व बंधुत्व की बात की जाती है वहां यह घटना आम नहीं है।
साल 2008 में बीजिंग ओलंपिक में इरान के तैराक मोहम्मद अलीरेजाई ने बीमारी का कारण बताकर अपना नाम वापस ले लिया था, लेकिन बाद में यह कहा गया कि उन्होंने ऐसा इरानी अधिकारियों के आदेश पर किया था। ईरान नहीं चाहता था कि उनका खिलाड़ी इजरायली खिलाड़ी टॉम बेरी के साथ स्पर्धा करे।