भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) को डर है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा नहीं मिलने की सूरत में उसे आगामी एशियाई जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप से हाथ धोना पड़ सकता है। यह चैंपियनशिप 17 से 23 जुलाई तक राजधानी के केडी जाधव स्टेडियम में होगी।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने मंगलवार को कहा, 'अभी उन्हें टूर्नामेंट के आयोजन के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। चूंकि पाकिस्तानी पहलवानों की भागीदारी को लेकर तस्वीर स्पष्ट नहीं है। हमें मंजूरी नहीं मिली है। मैंने गृहमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है। पाकिस्तानी दल को वीजा नहीं मिलता है तो युनाइटेड विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) हम पर प्रतिबंध लगा सकती है। हमसे मेजबानी छिन सकती है। पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट में भाग लेने का हक है।'
उन्होंने कहा, 'आमतौर पर यह प्रक्रिया टूर्नामेंट से दो महीने पहले शुरू होती है लेकिन हमने चार महीने पहले शुरू की। कुछ अधिकारी हालांकि समझ नहीं रहे हैं कि मामला कितना गंभीर है। यूडब्ल्यूडब्ल्यू हमारे खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। हम पर प्रतिबंध लग सकता है जिससे हम ओलिंपिक नहीं खेल सकेंगे।'
उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान की सिर्फ लड़कों की टीम आएगी। उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, जापान और कोरिया सहित 17 देश अभी तक टूर्नामेंट में भाग लेने की पुष्टि कर चुके हैं।