फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुसीबत में नरसिंह, लग सकता है 4 साल का प्रतिबंध

Wed, 17 Aug 2016 12:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
नरसिंह यादव - फोटो : Getty
विज्ञापन
रियो ओलंपिक में मुकाबले से पहले नरसिंह यादव फिर से मुसीबत से फंस गए हैं क्योंकि वाडा ने डोपिंग मामले में क्लीनचिट मानने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने राष्ट्रीय एंटी डोपिंग एंजेसी (नाडा) के उस फैसले को मानने से इनकार कर दिया है जिसमें उन्हें डोपिंग के दोष से बरी कर दिया गया था और ओलंपिक में खेलने की अनुमति दे दी थी। उनके मुकाबले में भाग लेने को लेकर वाडा 18 को फैसला सुनाएगा, जबकि 19 को उनका मैच ही है।

उनके लिए नई परेशानी यह खड़ी हो गई है कि विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने भारतीय डोपिंग रोधी एजेंसी नाडा के नरसिंह को क्लीन चिट देने के फैसले के खिलाफ खेल पंचाट (सीएएस) में अपील करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन


रियो ओलंपिक में चेफ डि मिशन राकेश गुप्ता ने बताया कि वाडा ने खेल पंचाट (कोर्ट आफ आर्बिटेशन) में नाडा के फैसले के खिलाफ दो दिन पहले अपील की है। वह नाडा के क्लीनचिट दिए जाने से सहमत नहीं है।

नरसिंह का 74 किलो भारवर्ग में मुकाबला 19 अगस्त को होना है लेकिन यदि खेल पंचाट वाडा की अपील का समर्थन करता है तो नरसिंह न केवल रियो ओलंपिक में भाग लेने से वंचित हो सकते हैं बल्कि उन पर चार साल का प्रतिबंध भी लग सकता है। भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने कहा है कि नरसिंह के वकील 18 अगस्त को स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए नरसिंह का पक्ष रखेंगे। 
 
पहले खबर आई थी कि भारतीय पहलवान नरसिंह का डोप टेस्ट 19 अगस्त की बाउट के बाद किया जाएगा। फ्रीस्टाइल टीम के राष्ट्रीय कोच जगमिंदर सिंह ने यह बात कही थी। जगमिंदर ने कहा था, "बाउट से पहले उन्हें किसी टेस्ट से नहीं गुजरना होगा। नरसिंह का सैंपल 19 अगस्त के बाद लिया जा सकता है।"
विज्ञापन

क्या है नरसिंह का पूरा मामला 

नरसिंह यादव
नरसिंह यादव को 25 जून को हुए परीक्षण में प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेरायड मेथेनडाइनोन के लिए पॉजिटिव पाया गया था। विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता नरसिंह ने दावा किया था कि उनके खिलाफ साजिश की गई है और नाडा ने इस दावे को स्वीकार कर लिया था।

नरसिंह ने दावा किया था कि विरोधियों ने उसके खाने या पानी में मिलावट की है। इस दौरान भारतीय कुश्ती संघ ने नरसिंह का पूरी तरह समर्थन किया। इससे पहले दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ओलंपिक में भागीदारी को लेकर 74 भारवर्ग में नरसिंह के साथ ट्रायल कराने की मांग को लेकर मामले को अदालत में ले गए थे।

कोर्ट ने सुशील की मांग ठुकरा दी थी। उसके बाद नरसिंह की ओलंपिक भागीदारी पर डोपिंग प्रकरण के चलते संशय खड़ा हो गया था। मगर नाडा और भारतीय कुश्ती संघ के समर्थन से नरसिंह रियो तक पहुंचने में सफल रहे।

भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता का कहना है कि हमारे पास दो विकल्प है या तो दो दिन का समय लें और केस लड़े या अपना जवाब देने के लिए एक महीने का समय लें जिससे नरसिंह का करियर खतरे में पड़ सकता है। अब नरसिंह का भविष्य 18 अगस्त को तय होगा। हम अंतिम समय तक लड़ाई लड़ेंगे।

74 किलो भारवर्ग में भारतीय पहलवान नरसिंह ने अपने पहले ट्रेनिंग सत्र से इतर कहा, "कृपया मुझसे अतीत के बारे में बात न करें। मैं उस पर बात नहीं करना चाहता। मैं 19 अगस्त को अपने भारवर्ग के मुकाबलों के बाद बात करूंगा। रियो पहुंचने के बाद मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं अब देश के लिए मेडल जीतना चाहता हूं। मैं अपनी ओर से सौ प्रतिशत दूंगा।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें