रियो ओलंपिक में मुकाबले से पहले नरसिंह यादव फिर से मुसीबत से फंस गए हैं क्योंकि वाडा ने डोपिंग मामले में क्लीनचिट मानने से इनकार कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने राष्ट्रीय एंटी डोपिंग एंजेसी (नाडा) के उस फैसले को मानने से इनकार कर दिया है जिसमें उन्हें डोपिंग के दोष से बरी कर दिया गया था और ओलंपिक में खेलने की अनुमति दे दी थी। उनके मुकाबले में भाग लेने को लेकर वाडा 18 को फैसला सुनाएगा, जबकि 19 को उनका मैच ही है।
उनके लिए नई परेशानी यह खड़ी हो गई है कि विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने भारतीय डोपिंग रोधी एजेंसी नाडा के नरसिंह को क्लीन चिट देने के फैसले के खिलाफ खेल पंचाट (सीएएस) में अपील करने का निर्णय लिया है।
रियो ओलंपिक में चेफ डि मिशन राकेश गुप्ता ने बताया कि वाडा ने खेल पंचाट (कोर्ट आफ आर्बिटेशन) में नाडा के फैसले के खिलाफ दो दिन पहले अपील की है। वह नाडा के क्लीनचिट दिए जाने से सहमत नहीं है।
नरसिंह का 74 किलो भारवर्ग में मुकाबला 19 अगस्त को होना है लेकिन यदि खेल पंचाट वाडा की अपील का समर्थन करता है तो नरसिंह न केवल रियो ओलंपिक में भाग लेने से वंचित हो सकते हैं बल्कि उन पर चार साल का प्रतिबंध भी लग सकता है। भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने कहा है कि नरसिंह के वकील 18 अगस्त को स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए नरसिंह का पक्ष रखेंगे।
पहले खबर आई थी कि भारतीय पहलवान नरसिंह का डोप टेस्ट 19 अगस्त की बाउट के बाद किया जाएगा। फ्रीस्टाइल टीम के राष्ट्रीय कोच जगमिंदर सिंह ने यह बात कही थी। जगमिंदर ने कहा था, "बाउट से पहले उन्हें किसी टेस्ट से नहीं गुजरना होगा। नरसिंह का सैंपल 19 अगस्त के बाद लिया जा सकता है।"