वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) नेशनल डोप टेस्ट लैबोरेटरी (एनडीटीएल) को समय से पहले राहत देने के मूड में नहीं है। एनडीटीएल की गुहार पर वाडा ने फिल्हाल उस पर लगे प्रतिबंध को हटाने से इंकार कर दिया है। एनडीटीएल ने वाडा से गुहार लगाई थी कि आइसोटोप रेश्यो मॉस स्पेक्ट्रोमेट्री (आईआरएमएस) को छोड़ बाकी सभी टेस्टिंग पर लगे प्रतिबंध को उठा लिया जाए। इसके लिए एनडीटीएल ने वाडा के लैब एक्सपर्ट ग्रुप (एलईजी) को जनवरी माह में लैब का दौरा करने को कहा था।
सूत्र बताते हैं कि वाडा ने हाल ही में एनडीटीएल को सूचित किया है कि एलईजी की ओर से अब तक दिल्ली लैब की ओर से किए गए आईआरएमएस सैंपलों की समीक्षा की जा रही है। जब तक इन आईआरएमएस सैंपलों की आगे की समीक्षा और टेस्टिंग नहीं हो जाती है तब तक एनडीटीएल पर लगे प्रतिबंध को उठाना संभव नहीं होगा। वाडा ने यह भी बताया है कि एलईजी एनडीटीएल के मामले पर गंभीरता से निगाह रखे हुए है। उसकी ओर से भेजे गए सैंपलों का लैब डॉक्यूमेंटेशन पैकेज (एलडीपी) भी पूरा हो चुका है।
वाडा ने एनडीटीएल से 2016 से 20 अगस्त 2019 तक किए गए 38 आईआरएमएस सैंपलों का डॉक्यूमेंटेशन पैकेज मांगा था। सूत्र बताते हैं कि इनमें से कुछ सैंपलों की वाडा की ओर से दोबारा टेस्टिंग कराई जा रही है। इन सैंपलों को रोम लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक तीन से चार सैंपलों का परिणाम आना बाकी है। इन सैंपलों का परिणाम आने के बाद एलईजी एनडीटीएल के मामले पर एक बार फिर बैठेगी। इसके बाद ही वाडा की टीम एनडीटीएल का दौरा करने पर विचार करेगी।
हालांकि एनडीटीएल चाहता था कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द निपटाकर एलईजी जनवरी माह में ही लैब का दौरा कर परीक्षण कर ले। वाडा ने एनडीटीएल पर बीते वर्ष 23 अगस्त को छह माह का प्रतिबंध लगाया था। इस हिसाब से वाडा टीम का फरवरी माह में लैब का दौरा बनता है। वाडा के जवाब और नए समीकरणों से साफ लग रहा है कि एनडीटीएल को छह माह का प्रतिबंध काटना पड़ सकता है। उससे पहले उसे कोई राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। वाडा की टीम के दौरे के बाद ही यह साफ होगा कि एनडीटीएल पर लगा प्रतिबंध हटेगा या फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। लैब की ओर से वाडा को लिखा जा चुका है कि एलईजी की ओर से जताई गई 47 आपित्तयों में से 45 को पूरा किया जा चुका है। लैब आईआरएमएस की आपत्तियां दूर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।