ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष पीआर वेंकटरामा राजा ने 23 सितंबर से जार्जिया के बाटूमी में शुरू होने जा रहे चेस ओलंपियाड में सबसे मजबूत भारतीय टीम उतारने का फैसला लिया। पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद के बिना यह संभव नहीं था। यही कारण था कि राजा ने कई माह पूर्व आनंद से संपर्क साध उन्हें ओलंपियाड में खेलने के लिए मना लिया।
आनंद ने हामी भर दी इसके बाद फेडरेशन ने कोनेरू हंपी समेत दूसरे खिलाडियों को तैयार किया। नतीजा यह निकला कि 23 सितंबर से छह अक्तूबर तक होने वाले इस चेस ओलंपियाड में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में अब तक का सबसे मजबूत भारतीय दल उतरने जा रहा है। राजा के मुताबिक लक्ष्य स्वर्ण पदक हासिल करने का रखा है।
ओलंपियाड में उतरने वाली भारतीय टीम में आनंद के अलावा पी हरिकृष्णा, विदित गुजराती, के शशिकिरण, बी आधिबान हैं, वहीं महिला टीम में हंपी के अलावा तानिया सचदेव, पद्मिनी राउत, डी हरिका, ईशा कारवाडे शामिल हैं। आनंद और हंपी दोनों 12 साल बाद चेस ओलंपियाड में उतरने जा रहे हैं।
भारतीय टीम के विदाई समारोह में आनंद ने कहा कि इस बार फेडरेशन में सब कुछ सामान्य है। उन्होंने एक नेशनल कैंप में भी हिस्सा लिया है। भारतीय खिलाडिय़ों से उन्हें कई टूर्नामेंटों में मिलने का मौका मिलता रहता है। यह बड़ा अवसर है और टीम काफी अच्छी है।
वहीं, हंपी दो साल से शतरंज से दूर हैं। उनकी 13 माह की बेटी है। इसी के चलते उन्होंने शतरंज से दूरी बना रखी थी, लेकिन ओलंपियाड के लिए टीम में वापसी को लेकर वह भी काफी उत्साहित हैं।