विश्व चैंपियनशिप के लिए राष्ट्रीय संघ द्वारा प्रतिबंधित और नजरअंदाज किए गए दिग्गज मूकबधिर पहलवान वीरेंद्र सिंह को आखिरकार मुस्कुराने की एक वजह मिल गई है। बता दें कि खेल जगत में वीरेंद्र गूंगा पहलवान के नाम से लोकप्रिय हैं।
तीन बार के डेफलिंपिक्स मेडलिस्ट वीरेंद्र सिंह को इस साल राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस साल दिव्यांगता के साथ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी की कैटेगरी में वीरेंद्र को चुना। दिव्यांगजन मंत्रालय हर साल दिव्यांगता के साथ एक विशिष्ट खिलाड़ी को सम्मानित करता है।
अर्जुन अवॉर्डी वीरेंद्र को थावर चंद गेहलोत तीन दिसंबर को सम्मानित करेंगे। वीरेंद्र हाल ही सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने देश की शासकीय इकाई बधिरों की अखिल भारतीय खेल परिषद में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। संघ के खिलाफ बोलने का परिणाम वीरेंद्र को भुगतना पड़ा और वह रूस में हुई विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले सके।