कल ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और पीवी सिंधू को खेल रत्न से सम्मानित किया गया। इनके अलावा शूटर जीतू राय और जिम्मनास्ट दीपा करमाकर को भी खेल रत्न पुरस्कार दिए गए।
मगर इन सबकी चमक तब फिकी सी पड़ गई, जब विनेश फोगट ‘वूमेन ऑफ द मूमेंट’ बन कर उभरीं।
राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में जब विनेश अर्जुन अवॉर्ड लेनी पहुंची, तो हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हालांकि विनेश समेत 15 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिया गया, मगर विनेश के लिए जो प्यार और सम्मान वहां था, वो अलग ही था।
खड़ी भी नहीं हो पा रहीं थी, खूब बजी थी तालियां
विनेश फोगट
- फोटो : twitter
विनेश इस समारोह में व्हीलचेयर पर पहुंची। विनेश के लिए हॉल में मौजूद सभी मंत्रियों, अधिकारियों और खिलाड़ियों ने खूब तालियां बजाई।
दरअसल, विनेश भी रियो ओलंपिक में भारत के लिए मेडल की प्रबल दावेदार थीं। 48 किलोग्राम भारवर्ग में विनेश चीन की सुन यनान के खिलाफ चोटिल हो गईं थीं। विनेश की चोट इतनी गंभीर थी कि वो मैट से बाहर जाने के लिए भी खड़ी नहीं हो सकीं।
विनेश ने पहले राउंड में रोमानिया की पहलवान को 11-0 से करारी मात दी थी। दूसरे मुकाबले में भी आगे चल रहीं थी, मगर चोट ने उनकी पदक की उम्मीद को जख्मी कर दिया।
राष्ट्रपति ने आगे आकर किया सम्मान!
विनेश फोगट
- फोटो : twitter
चोटिल होने के बाद विनेश रोते हुए स्ट्रेचर पर मैट से बाहर गई। इसके बाद विनेश मुंबई सर्जरी के लिए गई और फिर अर्जुन अवॉर्ड लेने दिल्ल आईं। उनका सम्मान करने के लिए राष्ट्रपति खुद आगे और उनका सम्मान किया।
इस मौके पर विनेश ने कहा, “लोगों का प्यार देख कर मैं बहुत खुश हूँ। यह प्यार मुझे जल्द ही ठीक होकर अखाड़े में उतरने के लिए प्रेरणा देता है। उम्मीद करती हो कि टोक्यो ओलंपिक जल्द हो और मैं रियो का कसर वहां पूरी कर सकूं।”
विनेश ने अपने हौसले से एक बार पहले भी इंजरी को मात दी है और उम्मीद है कि वो फिर ऐसा करेंगी।