ओलंपिक मेडल की राह में कोई कसर न रह जाए इसके लिए बॉक्सर विकास कृष्ण उन अनोखी तैयारियों को अंजाम दे रहे हैं जो अब तक दूसरे भारतीय बॉक्सरों ने नहीं अपनाई हैं।
विकास ओलंपिक के लिए वेनेजुएला में पेशेवर बॉक्सरों को पैसा देकर (पेड स्पारिंग) उनके साथ दो-दो हाथ कर रहे हैं। इसके लिए खासतौर पर खेल मंत्रालय ने उनकी आर्थिक मदद कर उन्हें पेशेवर बॉक्सरों के वेनेजुएला में चल रहे ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट खेलने गई तीन बॉक्सरों की टीम के साथ भेजा है।
विकास ने मंत्रालय को प्रस्ताव दिया कि वह टीम के साथ वेनेजुएला जाना चाहते हैं। वहां दुनिया के नामी गिरामी पेशेवर बॉक्सर आएंगे। इन बॉक्सरों को अगर पैसा दिया जाए तो वे अलग से ट्रेनिंग के लिए तैयार हो जाते हैं। ये पेशेवर बॉक्सर एक ट्रेनिंग सत्र का सौ से दो सौ अमेरिकी डॉलर (करीब 13 हजार रुपये तक) तक लेते हैं।
विकास का तर्क था इन बॉक्सरों के साथ दो-दो हाथ करने से उनकी ओलंपिक की तैयारियों को काफी मदद मिलेगी। मंत्रालय इसके लिए फौरन तैयार हो गया। उन्हें न सिर्फ टीम के साथ वेनेजुएला भेजा गया बल्कि टीम के कोच को अतिरिक्त एक हजार अमेरिकी डॉलर की राशि भी दी गई।
कोच को निर्देश दिए गए हैं कि विकास जिस पेशेवर बॉक्सर के साथ ट्रेनिंग करें उसके पेमेंट की जिम्मेदारी उनकी होगी। विकास अब तक वहां कुछ पेशेवर बॉक्सरों के साथ ट्रेनिंग सेशन लगा चुके हैं। हालांकि पिछले ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान उनकी आंख के ऊपर कट लग गया था। इसे ध्यान में रखते हुए विकास हेड गार्ड पहनकर इन बॉक्सरों से लोहा ले रहे हैं।
मनोज, शिवा पहुंचे शेफील्ड
लंदन ओलंपिक की तरह इस बार भी मनोज कुमार और शिवा थापा ने अपनी तैयारियों को इंग्लैंड के शेफील्ड स्थित बॉक्सिंग सेंटर में अंतिम रूप देने का फैसला लिया है। दोनों बॉक्सर चीफ कोच जीएस संधू के साथ शेफील्ड पहुंच चुके हैं। यहां इंग्लैंड के अलावा उक्रेन, आयरलैंड समेत कई अन्य देशों की बॉक्सर भी तैयारियां कर रहे हैं।
मनोज का कहना है कि उन्होंने पहले से ही सोच रखा था कि अगर वह ओलंपिक क्वालीफाई करेंगे तो तैयारियां करने शेफील्ड जाएंगे।