ताजा आंकड़ों के मुताबिक बाइल्स के अपना नाम वापस लेने के बाद उनके और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में ऑनलाइन मीडिया पर छपी खबरों को 20 लाख इंटरएक्शन (यानी लाइक, कमेंट, शेयर) मिले। मेगन और हैरी के इंटरव्यू के बाद जितने इंटरएक्शन ऐसी खबरों को मिले थे, बाइल्स के मामले में वह संख्या 25 फीसदी ज्यादा रही। इसके अलावा गूगल पर मासिक स्वास्थ्य के बारे मे हुए सर्च की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ।
पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस साल मानसिक स्वास्थ्य के बारे में लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है। नाओमी ओसाका के मामले में भी ये देखने को मिला था। मगर बाइल्स के प्रकरण में ये बात ज्यादा चर्चित हुई। पिछले दिनों बाइल्स और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में अमेरिका में नौ हजार से ज्यादा आलेख छपे हैं।
गौरतलब है कि बाइल्स, ओसाका और मेगन तीनों ने ये कहा है कि स्टार बनने की भारी कीमत किसी व्यक्ति को चुकानी पड़ती है। उसे लोगों की उम्मीदों का भारी बोझ उठाना पड़ता है। बाइल्स ने कहा है कि दिमागी तनाव और लोगों की आशाओं के बोझ से उनका आत्मविश्वास हिल गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अवस्था में सिर्फ खतरा यह नहीं रहता कि खिलाड़ी का प्रदर्शन ठीक नहीं रहेगा, बल्कि यह भी रहता है कि उसका स्वास्थ्य कहीं बड़े खतरे में पड़ जाए।