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टोक्यो ओलंपिक: सिमोनी बाइल्स की वजह से अमेरिकियों की जगी है दिमागी सेहत में दिलचस्पी

Thu, 05 Aug 2021 09:03 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

मीडिया पर रिसर्च करने वाली एजेंसी न्यूजह्विप के आंकड़ों के आधार पर वेबसाइट एक्सियोस.कॉम ने बताया है कि बाइल्स से स्पर्धाओं से हटने के बाद दिमागी सेहत के बारे में खबरें या जानकारियां ढूंढने वाले लोगों की संख्या में भारी उछाल आया है...
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सिमोनी बाइल्स - फोटो : social media
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विस्तार
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अमेरिका की स्टार जिमनास्ट सिमोनी बाइल्स ने ओलंपिक खेलों में जिमनैस्टिक की कई स्पर्धाओं से खुद को हटा लिया। इस घटना ने अमेरिका में दिमागी सेहत की समस्या में लोगों की गहरी दिलचस्पी पैदा की है। मीडिया पर रिसर्च करने वाली एजेंसी न्यूजह्विप के आंकड़ों के आधार पर वेबसाइट एक्सियोस.कॉम ने बताया है कि बाइल्स से स्पर्धाओं से हटने के बाद दिमागी सेहत के बारे में खबरें या जानकारियां ढूंढने वाले लोगों की संख्या में भारी उछाल आया।

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पर्यवेक्षकों का कहना है कि ओलंपिक खेल ऐसा मौका होते हैं, जब समाज के सभी तबकों के लोगों का ध्यान उन पर टिका होता है। ऐसे मौके पर होने वाली घटनाएं समाज पर गहरा प्रभाव डालती हैं। सिमोनी बाइल्स वैसे भी बड़ी स्टार हैं। उनसे अमेरिका को कई पदकों की उम्मीद थी। टोक्यो ओलंपिक के दौरान जब वे खेलने लौटीं, तब उन्होंने शुरुआत कांस्य पदक जीतने के साथ की। इसके साथ ही जिमनास्टिक में अमेरिका की तरफ से सर्वाधिक पदक जीतने वाली शैनॉन मिलर की बराबरी उन्होंने कर ली। अब इन दोनों ने सात- सात मेडल जीते हैं।

न्यूज मीडिया के अध्ययन से ये सामने आया है कि बाइल्स के कई स्पर्धाओं में भाग ना लेने के फैसले से दिमागी सेहत के सवाल पर उससे कहीं ज्यादा व्यापक चर्चा हुई, जितनी ब्रिटिश प्रिंस हैरी या उनकी पत्नी मेगन मार्कल के इंटरव्यू या टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका के फ्रेंच ओपन टूर्नामेंट से हटने के बाद हुई थी। प्रिंस हैरी और मेगन ने अमेरिका की मशहूर टीवी एंकर विनफ्रे ओपरा को दिए इंटरव्यू में अपने मानसिक स्वास्थ्य की चर्चा की थी। ओसाका इस वर्ष फ्रेंच ओपन से यह कर हट गई थीं कि दिमागी अवस्था ऐसी नहीं है कि मैच के बाद पत्रकारों के सवालों का सामना कर सकें।

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ताजा आंकड़ों के मुताबिक बाइल्स के अपना नाम वापस लेने के बाद उनके और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में ऑनलाइन मीडिया पर छपी खबरों को 20 लाख इंटरएक्शन (यानी लाइक, कमेंट, शेयर) मिले। मेगन और हैरी के इंटरव्यू के बाद जितने इंटरएक्शन ऐसी खबरों को मिले थे, बाइल्स के मामले में वह संख्या 25 फीसदी ज्यादा रही। इसके अलावा गूगल पर मासिक स्वास्थ्य के बारे मे हुए सर्च की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस साल मानसिक स्वास्थ्य के बारे में लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है। नाओमी ओसाका के मामले में भी ये देखने को मिला था। मगर बाइल्स के प्रकरण में ये बात ज्यादा चर्चित हुई। पिछले दिनों बाइल्स और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में अमेरिका में नौ हजार से ज्यादा आलेख छपे हैं।

गौरतलब है कि बाइल्स, ओसाका और मेगन तीनों ने ये कहा है कि स्टार बनने की भारी कीमत किसी व्यक्ति को चुकानी पड़ती है। उसे लोगों की उम्मीदों का भारी बोझ उठाना पड़ता है। बाइल्स ने कहा है कि दिमागी तनाव और लोगों की आशाओं के बोझ से उनका आत्मविश्वास हिल गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अवस्था में सिर्फ खतरा यह नहीं रहता कि खिलाड़ी का प्रदर्शन ठीक नहीं रहेगा, बल्कि यह भी रहता है कि उसका स्वास्थ्य कहीं बड़े खतरे में पड़ जाए।
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