जापान की राजधानी टोक्यो में इस साल 23 जुलाई से ओलंपिक का आयोजन होना है। इससे पहले यहां टीकाकरण का अभियान तेज हो गया है। देश में अगले हफ्ते से रेफरी और स्वयंसेवकों सहित लगभग 18 हजार ओलंपिक कार्यकर्ताओं को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। शुक्रवार को आयोजकों ने इसकी जानकारी दी। दरअसल, जापान का टीकाकरण अभियान धीरे-धीरे शुरू हुआ। देश में अब तक केवल चार प्रतिशत से अधिक लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया गया है, जिसमें लगभग 13 प्रतिशत लोगों को पहली खुराक मिली है।
टोक्यो 2020 के प्रमुख सेइको हाशिमोटो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टीकाकरण से कार्यकर्ता मन की शांति के साथ कार्यक्रम के अभियान में भाग ले सकेंगे। टोक्यो ओलंपिक कार्यकर्ताओं में रेफरी, ओलंपिक गांव के कर्मचारी और ठेकेदार, हवाई अड्डे के कर्मचारी, डोपिंग परीक्षण अधिकारी और राष्ट्रीय ओलंपिक और पैरालंपिक समितियों के सहायक शामिल हैं। हाशिमोटो ने कहा कि टीकाकरण 18 जून से शुरू होगा और दूसरी खुराक 23 जुलाई को होने वाले खेलों से पहले दी जाएगी।
बता दें कि जापान में जनमत सर्वेक्षण इस साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक को लेकर विरोध जता रहे हैं। वे खेलों को रद्द या स्थगित करने के पक्ष में हैं। वहीं, आयोजक घर में यह संदेश फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि सख्त प्रतिबंध प्रतिभागियों और जापानी जनता की रक्षा करेंगे। उन्होंने विदेशी प्रतिभागियों और एथलीटों की संख्या कम कर दी है। दरअसल, विदेशी प्रशंसकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इस महीने के अंत में फैसला किया जाएगा कि कितने स्थानीय आगंतुकों को अनुमति दी जाएगी। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के कारण 20 जून तक टोक्यो सहित जापान के कई हिस्सों में आपातकाल लगा हुआ है। हालांकि, अब इन हिस्सों में संक्रमणों की संख्या घट रही है।