वहीं, बीते सोमवार को जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने भरोसा दिलाया था कि कोराना वायरस महामारी को नियंत्रित कर पहले से स्थगित ओलंपिक को सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाएगा। संसद के नए सत्र के अपने भाषण में सुगा ने कहा कि वायरस को नियंत्रित करने के लिए सरकार जुर्माने और मुआवजे के प्रावधान के साथ कानून संशोधित करेगी। सुगा ने कहा कि उनकी सरकार का फरवरी के आखिर में टीकाकरण शुरू करने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि ओलंपिक का आयोजन 'कोरोना वायरस के खिलाफ मानव की जीत का प्रतीक होगा।' उन्होंने कहा, 'हमारे पास संक्रमण को रोकने के पूर्ण उपाय होंगे। हम खेलों के आयोजन के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें जो पूरे विश्व में उम्मीद और साहस प्रदान कर सके।' हाल ही में एक जनमत में भाग लेने वाली जापान की 80 प्रतिशत जनता ने ओलंपिक आयोजन के खिलाफ मत दिया था, जिसके बाद इसके आयोजन पर सवाल उठने लगे थे।
ओलंपिक 23 जुलाई से शुरू होंगे जिनके बाद 24 अगस्त से पैरालंपिक शुरू होंगे। टोक्यो ओलंपिक के आयोजकों ने कोनो की टिप्पणी पर कुछ नहीं कहा। लकिन उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने 'खेलों के आयोजन के लिये अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है।'
बयान में कहा गया, 'कोविड-19 महामारी को लेकर परिस्थितियां हर मिनट बदल रही हैं।' इसके अनुसार, 'हम उम्मीद करते हैं कि जापान की सरकार, टोक्यो मेट्रोपोलिटन सरकार और अन्य अधिकारियों द्वारा लागू किए गए कई उपाय हालात सुधरने में मदद करेंगे।'