पहले दौर के बाद दहिया के पास 2-1 की बढत थी लेकिन सानायेव ने उनके बाएं पैर पर हमला बोलकर तीन बार उन्हें पलटने पर मजबूर करते हुए छह अंक ले लिए। ऐसा लग रहा था कि दहिया हार की तरफ बढ रहे हैं लेकिन आखिरी 30 सेकंड में उन्होंने बाजी पलट दी। रवि ने नूरीस्लाम को फॉल के माध्यम से 7-9 से हराया। रवि 7-9 से पिछड़ रहे थे लेकिन नूरीस्लाम चोट के कारण आगे खेल जारी नहीं रख सके और इस तरह भारतीय पहलवा रवि ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। बता दें कि रवि ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पहलवान हैं। इनसे पहले सुशील कुमार 2012 में फाइनल में पहुंचे थे।
दहिया ने इससे पहले दोनों मुकाबले तकनीकी दक्षता के आधार पर जीते थे। बता दें कि रवि ने अपने ओलंपिक अभियान की मजबूत शुरुआत करते हुए बुधवार को ही बुल्गारिया के जॉर्जी वेलेंटिनोव वेंगेलोव को तकनीकी दक्षता के आधार पर 14-4 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले दहिया ने पहले दौर में कोलंबिया के टिगरेरोस उरबानो आस्कर एडवर्डो को 13-2 से हराया था।
रवि दहिया के टोक्यो ओलंपिक फाइनल में पहुंचने के बाद उनके गांव में जश्न का माहौल है। रवि के पिता राकेश दहिया में गजब की खुशी है। उन्होंने कहा, 'रवि गोल्ड मेडल जीतेगा। मुझे पूरा विश्वास है। मैं अपनी खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। रवि के पिता ने आगे कहा, 'उसने परिवार वालों से वादा कर रखा है कि वह ओलंपिक स्वर्ण पदक लेकर आएगा। वह हर दिन आठ घंटे तक अभ्यास करता था।'
रवि कुमार दहिया 2019 में नूर सुल्तान में हुई विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल भी अपने नाम किए हैं। उन्होंने 2015 में विश्व जूनियर कुश्ति चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था।