कोरोना वायरस के कारण टोक्यो ओलंपिक 2021 तक लिए टल गए हैं, लेकिन अब आयोजकों के सामने अब जो सबसे बड़ा सवाल है, वो है इससे होने वाले नुकसान की भरपाई कौन करेगा। टोक्यो ओलंपिक के टलने की वजह से होने वाले नुकसान के बारे में जापान के एक बिजनस अखबार निकी ने स्थानीय आयोजकों से बातचीत के आधार पर अंदाजा लगाया है। उसके मुताबिक ओलंपिक टलने से 2.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 200 अरब रुपये का अतिरिक्त भार जापान पर पड़ेगा।
ये बदलाव करना होगा 2021 में होने वाले ओलंपिक के लिए, लेकिन नुकसान बड़ा है
- आयोजकों को वेन्यू के लिए नई लीज पर बात करनी होगी। एरिना के मैंटेनस के लिए भुगतान करना होगा। जापान ओलंपिक आयोजन समिति के पास 3500 स्टाफ मेम्बर्स हैं। हो सकता है कुछ को कॉस्ट कटिंग के चलते अपनी नौकरी गंवानी पड़े।
- टोक्यो ने 3.3 बिलियन डॉलर यानी करीब 250 अरब रुपये की स्थानीय स्पॉन्सरशिप बेची है। यह रकम पिछले किसी भी ओलंपिक के मुकाबले से दोगुनी है। अब जब ओलंपिक टल गए हैं तो सारे ब्रॉन्ड अपने पैसों का हिसाब मांगेगे। क्या उन्हें रिफंड मिलेगा या फिर नए अनुबंध दिए जाएंगे।
- टोक्यो में 33 खेलों के लिए 42 वेन्यू की योजना बनाई गई थी। पैरालंपिक के लिए एक अतिरिक्त वेन्यू की भी योजना थी। अब यह साफ नहीं है कि अगले साल के लिए कितने वेन्यू उपलब्ध होंगे।
- आयोजकों को 78 लाख टिकट की बिक्री से करीब एक बिलियन डॉलर जुटाने की उम्मीद थी। हालांकी सभी टिकटों में एक शर्त ऐसी है जिससे आयोजक रिफंड देने से बच सकते हैं।