सेमीफाइनल मुकाबले में बजरंग पूनिया को हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें अजरबैजान के पहलवान अलीयेव हाजी ने 12-5 से हराया था। रियो ओलंपिक के कांस्य विजेता अजरबैजान के अलीयेव ने लगातार बजरंग के पैरों पर हमला किया। उन्होंने दो बार खुद को उस स्थिति में पहुंचा दिया जहां से वह आसानी से दो अंक हासिल करने में सफल रहे। पहले पीरियड के बाद 1-4 से पीछे चल रहे बजरंग ने दूसरे पीरियड मे वापसी के लिए आक्रामक रूख अपनाया लेकिन एलीव ने बड़ी चतुराई ने उनकी चाल को नाकाम करते हुए 8-1 की बढ़त हासिल कर ली। आखिरी क्षणों में बजरंग ने वापसी की लेकिन उन्हें मैच जीतने के लिए ज्यादा अंकों वाली पकड़ की जरूरत थी। मुकाबले के आखिरी 30 सेकंड में उन्होंने अपना हमला तेज किया लेकिन अलीव ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। हार सुनिश्चित होने के बाद बजरंग मैट पर गिर गए।
बजरंग के कांस्य पदक जीतने के साथ भारत ने कुल छह पदकों के साथ लंदन ओलंपिक की बराबरी कर ली है। यह भारत का संयुक्त श्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत ने लंदन 2012 में दो पदक जीते। तब सुशील कुमार (रजत) और योगेश्वर दत्त (कांस्य) ने पदक जीते थे। रवि दहिया ने रजत पदक जीता था।
बजरंग के कांस्य पदक के साथ ही कुश्ती में भारत के खाते में अब तक सात ओलंपिक पदक आए हैं। बीते दिनों रवि दहिया ने रजत पदक जीता था। इससे पहले पहलवान सुशील कुमार ने भारत के लिए ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। सुशील 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और 2012 लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीतकर ऐसा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। सुशील के अलावा योगेश्वर दत्त ने 2012 में कांस्य, साक्षी मलिक ने 2016 रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। केडी जाधव भारत के लिए ओलंपिक कुश्ती में पदक जीतने वाले पहले पहलवान थे। उन्होंने 1952 हेलसिंकी ओलंपिक में यह कारनामा किया था।