पोलैंड तैराकी महासंघ की तरफ से की गई बड़ी गलती की वजह से देश के 6 तैराकों को टोक्यो ओलंपिक से स्वदेश लौटना पड़ा है। यह घटना ऐसे वक्त हुई जब खेलों के महाकुंभ ओलंपिक की शुरुआत होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं। वहीं पौलैंड स्विमिंग फेडरेशन ने स्वीकार किया है कि उसने प्रशासनिक गलती के चलते कई एथलीटों को खेलों में भाग लेने के लिए भेजा। इस घटना को देखते हुए फेडरेशनप्रमुख ने प्रशासन की तरफ से की गई गलती के लिए माफी मांगी है।
टोक्यो से स्वदेश लौटे ये तैराक पोलैंड तैराकी महासंघ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दे ऱहे हैं इसके अलावा इन सभी ने महांसघ के प्रमुख से इस्तीफा मांगा है। जापान भेजी गई पोलैंड तैराकी टीम में 23 लोग थे, लेकिन एफआईएनए क्वालीफाइंग मानकों की गलतफहमी के कारण इसे केवल 17 तक ही सीमित कर दिया गया है।
पोलैंड स्विमिंग फेडरेशन के निदेशक पावेल स्लोमिंस्की ने एक बयान में कहा, मैं इस स्थिति में अपना दुख और खेद प्रकट करता हूं। उन्होंने आगे कहा, गलती अधिक से अधिक एथलीटों और कोचों को भाग लेने की अनुमति देने के कारण की गई थी
पोलैंड के छह तैराक जो टोक्यो ओलंपिक से बाहर हुए हैं उनमें से एक एलिजा तचोर्ज ने पोलैंड स्विमिंग फेडरेशन अक्षमता की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने नियमों को गलत समझा। तोचोर्ज ने सोशल मीडिया पर लिखा, कल्पना कीजिए आपने अपने जीवन के पांच सालों का बलिदान कर दिया। आपके बलिदान का परिणाम शून्य रहा। तोचोर्ज 2012 और 2016 ओलंपिक में भाग ले चुके हैं। वहीं एक दूसरे तैराक ने माटुज़ चोवानीएक ने इंस्टाग्राम पर लिखा, यह एक बेतुकी स्थिति है जो कभी नहीं होनी चाहिए थी।