खेल मंत्रालय, साई और आईओए मिलकर इस पाठशाला का आयोजन 24 जून से शुरू करने जा रहे हैं। यह ऑनलाइन पाठशाला नौ जुलाई तक चलेगी। एक पाठशाला में चार-चार खेलों के खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ को शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री के दिशा निर्देशों के अनुसार इस पाठशाला को तीन हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें साफ-सुथरे खेल, टोक्यो में वहां के जीवन के अनुसार नियम-कानून का पालन करना और तीसरे हिस्से में गर्व के साथ भारत से होने के बारे में बताया जाएगा। इस पाठशाला को मंत्रालय, साई अधिकारियों के अलावा ओलंपिक में डिप्टी चेफ डि मिशन डॉ. प्रेम वर्मा लेंगे।
खिलाड़ियों को बताया जाएगा कि विशेष परिस्थितियों के तहत इस बार न ही किसी के साथ हाथ मिलाया जा सकेगा और न ही गले मिला जा सकेगा। ऐसे में उन्हें जापानी भाषा में धन्यवाद, नमस्कार जैसे शब्द बताए जाएंगे। जिनका इस्तेमाल वे टोक्यो में आदर-सत्कार के रूप में कर सकेंगे। उन्हें उन सभी नियमों की जानकारी दी जाएगी जिनका पालन उन्हें टोक्यो में करना है। गेम्स विलेज में उन्हें किस तरह पेश आना है इस बारे में भी बताया जाएगा। उन्हें ऐसा कोई भी काम नहीं करना है जिससे देश की किरकिरी हो। देश को किरकिरी से बचाने के लिए खिलाडिय़ों को एंटी डोपिंग नियमों का पालन करने को कहा जाएगा। इसके लिए नाडा को आमंत्रित किया जा रहा है।