जापान सरकार ने कहा है कि टोक्यो में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और डेल्टा वैरिएंट के दुनिया भर में तेजी से फैलाव को देखते हुए ये नियम लागू किए गए हैँ। ओलंपिक खेल 23 जुलाई से शुरू होंगे और आठ अगस्त तक चलेंगे। लागू किए गए नए नियमों के मुताबिक जिन देशों में डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण के मामले सामने आए हैं, वहां से आने वाले दल के हर सदस्य को अपने देश से रवाना होने से पहले लगातार पांच दिन तक कोरोना संक्रमण की जांच करानी होगी। इन पांच दिनों में उन्हें खुद को आइसोलेशन में रखना होगा। टोक्यो पहुंचने के बाद वे तीन दिन तक किसी से मिल-जुल नहीं पाएंगे।
इन उपायों का एलान करते हुए जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी कातसुनोबू कातो ने कहा कि अभी नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए जापान सरकार की अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) और टोक्यो ओलंपिक्स आयोजन समिति के साथ बातचीत चल रही है। इस बीच जापान सरकार के कोविड-19 सलाहकार शिगेरु ओमी और कई दूसरे संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डेल्टा वैरिएंट मूल कोरोना वायरस की तुलना में दो गुना ज्यादा संक्रामक है। इसलिए अगर कोई संक्रमित व्यक्ति टोक्यो पहुंचा, तो उससे लगने इन्फेक्शन के मामलों में बहुत तेजी से इजाफा हो सकता है।
गौरतलब है कि अफ्रीकी देश यूगांडा का दल 19 जून को टोक्यो पहुंचा था। दल के हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद जब सभी सदस्यों की कोरोना जांच की गई, तो एक सदस्य संक्रमित पाया गया। इससे चिंता और बढ़ गई है। तब से हवाई अड्डों पर संक्रमण की जांच की व्यवस्था और पुख्ता कर दी गई है। इस बारे में जापान के प्रधानमंत्री योशिहिडे सुगा ने सोमवार को जानकारी हासिल की। इसके लिए वे खुद हानेदा हवाई अड्डे तक गए, जहां यूगांडा का दल उतरा था।
टोक्यो ओलंपिक के लिए ये नियम भी लागू किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया, तो उसके संपर्क में आए सभी लोगों को आइसोलेशन में डाल दिया जाएगा। टोक्यो आयोजन समिति ने कहा है कि ओलंपिक खेल सुरक्षित ढंग से हो सकें, इसके लिए ऐसे सख्त नियमों की जरूरत है। इस बीच प्रधानमंत्री सुगा ने भी टोक्यो में संक्रमण के बढ़ रहे मामलों पर चिंता जताई है। सोमवार को उन्होंने कहा, हमें बहुत सतर्क रहना होगा और वायरस का फैलाव रोकने वाले उपाय लागू करने होंगे। अगर जरूरत पड़े, तो हमें तुरंत अतिरिक्त कदम भी उठाने होंगे। वहीं सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे उपायों में तुरंत आपातकाल की घोषणा, कारोबारी गतिविधियों पर रोक आदि शामिल हैं। साथ ही स्टेडियमों में दर्शकों की मौजूदगी सीमा भी नए सिरे से तय की जा सकती है।