टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम देशवासियों की उम्मीदों पर खरी उतरी है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले कहा जा रहा था कि इस बार भारतीय टीम ओलंपिक इतिहास में सबसे अच्छा प्रदर्शन करेगी। ऐसा हुआ भी। टीम ने कमाल का खेल दिखाया और खुद को इतिहास के पन्नों में दर्ज कराया। आइए कुछ रिकॉर्ड्स के बारे में जानते हैं कि जो भारत ने टोक्यो ओलंपिक में बनाए...
1. एक स्वर्ण, दो रजत और 4 कांस्य जीते
भारत ने टोक्यो में कुल 7 पदक अपने नाम किए। भारत 1900 से ओलंपिक में हिस्सा ले रहा है। इसके बाद से पहली बार है, जब टीम ने एक ओलंपिक में सबसे ज्यादा पदक जीते हैं। इससे पहले भारत ने 2012 के लंदन ओलंपिक में 6 पदक जीते थे।
2. 8 साल बाद कुश्ती में दो पदक आए
भारत की ओर कुश्ती में पहलवान रवि कुमार दहिया ने रजत और बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत ने 8 साल बाद कुश्ती में दो पदक जीते हैं। इससे पहले 2012 लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार ने रजत और योगेश्वर दत्त ने कांस्य पदक जीता था।
3. हॉकी में 41 साल बाद पदक जीता
इस बार भारत की पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक हॉकी में पदक जीता। इससे पहले भारत ने 1980 में स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद से भारतीय हॉकी लगातार संघर्ष कर रही थी, लेकिन इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया।
यही नहीं, भारतीय महिला टीम ने भी शानदार खेल दिखाया। इस टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाई। दुर्भाग्य से टीम आगे नहीं जा सकी और कांस्य का मुकाबला भी हार गई। टीम पहली बार ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही।
4. 13 साल बाद ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता
टोक्यो में भारत ने एक स्वर्ण पदक भी जीता। जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने यह कीर्तिमान रचा। इस तरह 13 साल बाद भारत ने ओलंपिक में सोना जीता। इससे पहले 2008 में अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता था। अभिनव के बाद नीरज दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है।
5. 121 साल में पहली बार किसी भारतीय ने एथलेटिक्स में पदक जीता
भारत ने अपने 121 साल ओलंपिक इतिहास में पहली बार एथलेटिक्स में पदक अपने नाम किया। इससे पहले किसी भारतीय ने कभी भी ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में पदक नहीं जीता था। 1900 में नॉर्मन प्रिटचार्ड ने एथलेटिक्स में दो रजत पदक जीते थे। हालांकि, वे भारतीय नहीं, बल्कि भारत ने जन्मे अंग्रेज थे।