टोक्यो ओलंपिक को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, टोक्यो 2020 की अध्यक्षा सीको हाशिमोटो ने ओलंपिक से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार (3 जून) को कहा कि ओलंपिक खेलों को केवल विषम परिस्थितियों में रद्द किया जाएगा। साथ ही खेल के आयोजकों ने खुलासा किया कि 10,000 स्वयंसेवकों ने कोरोना वायरस के खतरे के कारण आयोजन को बीच में ही छोड़ दिया।
खेलों को रद्द नहीं किया जाएगा
उद्घाटन समारोह से ठीक 50 दिन पहले हाशिमोटो ने कहा, ‘यह शो तब तक चलेगा जब तक कि कोरोना महामारी अधिकांश टीमों को यात्रा करने से नहीं रोक देती। यदि दुनियाभर के विभिन्न देश बहुत गंभीर परिस्थितियों का अनुभव करते हैं और अधिकांश देशों के प्रतिनिधिमंडल नहीं आ सके, तो ही हम ओलंपिक का आयोजन को नहीं कर पाएंगे। हालांकि, इसके विपरीत जब तक ऐसी स्थिति नहीं बनती, खेलों को रद्द नहीं किया जाएगा।’
जापान में कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल
बता दें, टोक्यो में ओलंपिक 23 जुलाई से शुरू होना है मगर इससे पहले जापान में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल आने से चिंता बढ़ गई है। देश में एक बड़े हिस्से में हालात को देख इमरजेंसी लगा दी गई है। सीको हाशिमोटो ने एक समाचार चैनल के संवाददाता से बातचीत के दौरान कहा कि अभी सबसे बड़ा सवाल है कि कैसे सुरक्षित वातावरण में खेल करवाए जा सकें।
बिना दर्शकों के आयोजित हो सकते हैं खेल
उन्होंने कहा, ‘जापानवासी अभी बहुत असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और शायद वह हमें लेकर क्षोभ में भी हैं कि हम ऐसे समय में ओलंपिक की बात कर रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कैसे लोगों की संंख्या को नियंत्रित करें। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर खेलों के दौरान महामारी अनियंत्रित होती है तो मुझे लगता है हमें खेलों के बिना दर्शकों के होने के लिए तैयार रहना चाहिए।’ बताते चलें कि टोक्यो में ओलंपिक खेल पिछले साल होने थे पर कोरोना महामारी की वजह से खेल को अंतिम महीनों में स्थगित कर दिया गया था।