रियो ओलंपिक का आगाज हुए 12 दिन से ज्यादा गुजर गए हैं बावजूद इसके भारत की झोली अभी भी खाली है, खिलाड़ियों के हाथ लगातार निराशा लग रही है। ऐसे में खिलाड़ियों का पक्ष लेते हुए रियो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाले और बीजिंग ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने ने कहा है कि रियो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पदक नहीं जीत पाने के लिए भारत का सिस्टम जिम्मेदार है। ये बात बिंद्रा ने ट्वीट कर कही।
बिंद्रा ने अपने ट्वीट में ग्रेट ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए कहा कि ब्रिटेन ने रियो में एक-एक पदक जीतने के लिए 55 लाख पाउंड यानी लगभग 48 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक देश में सिस्टम को ठीक नहीं किया जाएगा तब तक पदक की उम्मीद करना बेमानी है।
बिंद्रा ने अपने ट्वीट में ब्रिटिश समाचार पत्र द गार्जियन में प्रकाशित एक लेख में दिए गए आंकड़ों का उल्लेख किया है। इस लेख में बताया गया है कि ब्रिटेन ने हर पदक के लिए कितनी भारी रकम खर्च की है।
हालांकि बिंद्रा सिस्टम को असफलता का कारण बता रहे हैं लेकिन सरकार ने खिलाड़यों के सहयोग के लिए बनी टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) में उन्हें बतौर सदस्य जगह दी थी। जो बात बिंद्रा आज कह रहे हैं उसे सांप निकलने के बाद लाठी पीटना ही कहा जाएगा। यदि वह ये बातें टॉप्स के सदस्य रहते कहते तो शायद कोई सुधार हो पाता लेकिन अब बातें असफलता की कहानियां कहने-सुनने को रह गई हैं।