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जमैका में ही क्यों बनते हैं बोल्ट और पॉवेल?, जानें सफलता का राज

Mon, 15 Aug 2016 01:06 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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उसने बोल्ट - फोटो : Getty
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मध्य अमेरिका के कैरेबियाई देशों में से एक है जमैका, जिसकी आबादी 30 लाख से भी कम है। जमैका को अस्सी के दशक में यहां के दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए जाना जाता था लेकिन पिछले एक दशक में इसकी पहचान बदल गई और इसे एथलेटिक्स के पावरहाउस के रूप में जाना जाने लगा।
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उसेन बोल्ट के उदय के बाद जमैका और बोल्ट एक दूसरे के पर्याय बनते चले गए। बोल्ट जमैका के ऐसे नागरिक हैं जिन्हें  दुनिया के तकरीबन हर देश के लोग पहचानते हैं। उनकी पहचान बनी है सिर्फ और सिर्फ उनके खेल की बदौलत। लाइटनिंग बोल्ट के नाम पूरी दुनिया में विख्यात बोल्ट जमैका के एकमात्र एथलीट नहीं हैं। दिन ब दिन जमैका में एथलेटिक्स की ओर लोगों का रुझान बढ़ता ही जा रहा है। रियो में भी जमैका ने 57 एथलीट्स का बड़ा दल भेजा है। 

जमैका ओलंपिक खेलों में 1948 से भाग ले रहा है। जमैका ने एथलेटिक्स में ही अपना पहला ओलंपिक पदक जीता था। जमैका ने 1948 से लेकर 2012 तक के ओलंपिक खेलों में 17 स्वर्ण, 30 रजत और 20 कांस्य (कुल 67 पदक) जीते हैं। इनमें से केवल एक कांस्य पदक साइकिलिंग में जीता है, इसके अतिरिक्त सभी पदक एथलेटिक्स से आए हैं।
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इन 67 पदकों में से 37 पदक पिछले 4 ओलंपिक खेलों से जमैका के खाते में आए हैं। लंदन ओलंपिक में जमैका ने 4 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक जीते थे। यह एक ओलंपिक में जमैका का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। निश्चित तौर पर रियो में जमैका के पदकों की संख्या में इजाफा होगा। 
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एथलेटिक्स में जमैका की सफलता का यह है राज

उसने बोल्ट - फोटो : Getty
जमैका में खेल पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। यहां एथलेटिक्स की शुरुआत स्कूली स्तर पर हो जाती है। जमैका में 1910 में इंटर स्कूल एथलेटिक्स चैंपियनशिप की शुरुआत हुई थी।

इस स्पर्धा में जमैका के सभी स्कूलों के बच्चों की अंडर-13 से अंडर-19 तक की एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इसका आयोजन प्रतिवर्ष ईस्टर से एक सप्ताह पहले होता है।

प्रतियोगिता में जीत दर्ज करने वाले खिलाड़ियों को देशभर में पहचान मिलती है। इसके बाद जीत हासिल करने वाले खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर भविष्य के लिए तैयार किया जाता है। यह स्पर्धा जमैका के एथलेटिक्स मॉडल का केंद्र में है।

जमैका का एथलेटिक्स मॉडल पूरी तरह स्वदेशी है। उनके पास एथलेटिक्स के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के स्वदेशी समाधान भी हैं। इस वजह से जमैका की स्थिति एथलेटिक्स के क्षेत्र में समय के साथ सुदृढ़ होती जा रही है।
 
जमैका की एथलेटिक्स के क्षेत्र में सफलता के तीन प्रमुख कारण हैं पहला एथलेटिक्स का बेहतरीन इतिहास और परंपरा, दूसरा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपलब्धता और तीसरा खेलों के मॉडल का बेहतर क्रियान्वयन। इन्हीं वजहों से जमैका में उसेन बोल्ट और असाफा पॉवेल और एनी फ्रेजर जैसे खिलाड़ी लगातार निकल रहे हैं और जमैका का नाम दुनिया रोशन कर रहे हैं।
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