मध्य अमेरिका के कैरेबियाई देशों में से एक है जमैका, जिसकी आबादी 30 लाख से भी कम है। जमैका को अस्सी के दशक में यहां के दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए जाना जाता था लेकिन पिछले एक दशक में इसकी पहचान बदल गई और इसे एथलेटिक्स के पावरहाउस के रूप में जाना जाने लगा।
उसेन बोल्ट के उदय के बाद जमैका और बोल्ट एक दूसरे के पर्याय बनते चले गए। बोल्ट जमैका के ऐसे नागरिक हैं जिन्हें दुनिया के तकरीबन हर देश के लोग पहचानते हैं। उनकी पहचान बनी है सिर्फ और सिर्फ उनके खेल की बदौलत। लाइटनिंग बोल्ट के नाम पूरी दुनिया में विख्यात बोल्ट जमैका के एकमात्र एथलीट नहीं हैं। दिन ब दिन जमैका में एथलेटिक्स की ओर लोगों का रुझान बढ़ता ही जा रहा है। रियो में भी जमैका ने 57 एथलीट्स का बड़ा दल भेजा है।
जमैका ओलंपिक खेलों में 1948 से भाग ले रहा है। जमैका ने एथलेटिक्स में ही अपना पहला ओलंपिक पदक जीता था। जमैका ने 1948 से लेकर 2012 तक के ओलंपिक खेलों में 17 स्वर्ण, 30 रजत और 20 कांस्य (कुल 67 पदक) जीते हैं। इनमें से केवल एक कांस्य पदक साइकिलिंग में जीता है, इसके अतिरिक्त सभी पदक एथलेटिक्स से आए हैं।
इन 67 पदकों में से 37 पदक पिछले 4 ओलंपिक खेलों से जमैका के खाते में आए हैं। लंदन ओलंपिक में जमैका ने 4 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक जीते थे। यह एक ओलंपिक में जमैका का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। निश्चित तौर पर रियो में जमैका के पदकों की संख्या में इजाफा होगा।