33 साल के महावीर ने शुरूआत में कुश्ती की कोचिंग जरूर ली, लेकिन बाकी खेलों में उन्होंने मोबाइल के जरिए ही गांव में खुद ट्रेनिंग शुरू कर दी। महावीर से प्रभावित होकर कृष्ण तिवारी ने उन पर बायोपिक भी लिख डाली है, जिसे हॉलीवुड के जाने-माने निर्माता-निर्देशक जॉन रिचर्डसन और हेनरी जॉन रिचर्डसन को भेजा गया है। दोनों महावीर से प्रभावित हैं और उनकी कहानी पर काम करने का मन बना रहे हैं।
एम कॉम हैं और कर रहे मजदूरी
महावीर वैसे तो एम कॉम हैं, लेकिन गांव में मजदूरी को मजबूर हैं। महावीर कहते हैं कि पहले उन्होंने गांव में पढ़ाना शुरू किया, लेकिन चार हजार से ज्यादा नहीं मिलते थे। उन्हें घरों में मजदूरी करके इससे ज्यादा मिल रहा है। हालांकि वह यूपी सरकार से नौकरी की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कुछ सफलता नहीं मिली। गिनीज बुक में नाम लिखाने को महावीर को 40 हजार रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस की जरूरत है। इस राशि का इंतजाम होते ही वह एक मिनट में बॉक्सिंग पंच का रिकार्ड बनाना चाहते हैं। महावीर कहते हैं कि इतना सब करने के बावजूद उनकी उपलब्धियां उन्हें नौकरी नहीं दिला पाई हैं तो अब माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई बाकी रह गई है। उन्होंने इसकी भी तैयारी शुरू कर दी है। एक निजी कंपनी उन्हें एवरेस्ट पर चढ़ाई का प्रशिक्षण देने जा रही है। वह जल्द इसे शुरू करेंगे।