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Squash: 16 साल की अनहत ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, ब्रिटिश जूनियर ओपन स्क्वैश का खिताब जीता

Tue, 07 Jan 2025 08:49 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम।

सार

बीते वर्ष वह अंडर-17 वर्ग के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन उन्हें यहां हार मिली थी। 2022 में अनहत राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाली देश की सबसे युवा खिलाड़ी बनी थीं। अनहत ने एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य जीता है। वर्तमान में उनकी विश्व रैंकिंग 82 है।
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अनहत सिंह - फोटो : PTI
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विस्तार
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देश की उभरती स्क्वैश खिलाड़ी 16 वर्षीय अनहत सिंह ने अंडर-17 ब्रिटिश ओपन जूनियर स्क्वैश टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। शीर्ष वरीय अनहत ने फाइनल में मिस्र की दूसरी वरीय मलिका अल कराक्सी को एक सेट से पिछड़ने के बाद 4-11, 11-9, 6-11, 11-5, 11-3 से हराया। अनहत इससे पहले यहां अंडर-11 और अंडर-15 वर्ग का खिताब जीत चुकी हैं। बीते वर्ष वह अंडर-17 वर्ग के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन उन्हें यहां हार मिली थी। 2022 में अनहत राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाली देश की सबसे युवा खिलाड़ी बनी थीं। अनहत ने एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य जीता है। वर्तमान में उनकी विश्व रैंकिंग 82 है।
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अनहत का परिवार
13 मार्च 2008 को दिल्ली में जन्मीं अनहत के पिता गुरशरण सिंह पेशे से वकील हैं। वहीं, मां तानी सिंह इंटीरियर डिजाइनर हैं। अनहत की बड़ी बहन अमीरा भी स्क्वैश प्लेयर हैं। वह अंडर-19 लेवल पर भारत की शीर्ष खिलाड़ियों में रह चुकी हैं। अमीरा स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद फिलहाल हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही हैं। वह अभी हार्वर्ड महिला टीम के लिए स्क्वैश खेलती हैं। 

अनहत को बैडमिंटन पसंद
अनहत को स्क्वैश से पहले बैडमिंटन पसंद था। वह पीवी सिंधु को खेलता देख बड़ी हुई हैं। छह साल की उम्र में अनहत ने दिल्ली में पीवी सिंधु को खेलते देखा। तब सिंधु इंडिया ओपन में हिस्सा ले रही थीं। इसके बाद अनहत ने भी बैडमिंटन में भविष्य बनाने का सोचा। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में कुछ युवा स्तर के टूर्नामेंट भी जीते। हालांकि, अपनी दीदी अमीरा के नक्शेकदम में चलते हुए उन्होंने आठ साल की उम्र से नियमित रूप से स्क्वैश खेलना शुरू कर दिया। तब से लेकर अब तक अनहत स्क्वैश खेल रही हैं।
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अनहत ने 2019 में ब्रिटिश ओपन में स्वर्ण जीता
इसके बाद कुछ ही समय में अनहत अंडर-11 और अंडर-13 में नंबर एक खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने 2019 में अंडर-11 लेवल पर भारत के लिए पहली बार प्रतिष्ठित ब्रिटिश ओपन स्क्वैश टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस खिताब के बाद अनहत ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी साल अनहत ने एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। साल 2020 में उन्होंने ब्रिटिश और मलेशिया जूनियर ओपन टूर्नामेंट में रजत पदक जीता था।

यूएस ओपन 2021 में जूनियर चैंपियन बनीं अनाहत
अनहत ने पिछले साल फिलाडेल्फिया में आयोजित यूएस ओपन 2021 जूनियर (अंडर -15) स्क्वैश टूर्नामेंट भी जीता था। वह किसी भी आयु वर्ग में यूएस ओपन स्क्वैश टूर्नामेंट में चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। इसके बाद साल 2022 में तो अनहत ने कमाल ही कर दिया। यह उनका अब तक का सबसे अच्छा सीजन रहा। उस साल जून में थाईलैंड एशियाई जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप (अंडर-15) में अनहत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इतना ही नहीं चेन्नई में हुए नेशनल कैंप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय स्क्वैश टीम में जगह बनाई।
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