फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेलों की बहाली के बाद तस्वीर बदलेगी आकर्षण नहीं, तैयारियों को मजबूत करने का मौका

Mon, 27 Apr 2020 07:31 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विराट और सचिन - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

क्या दर्शक फिर से स्टेडियमों में लौटेंगे? क्या विदेशों में अभ्यास पहले की तरह आसान होगा? संपर्क वाले खेलों में क्या होगा जिनमें सामाजिक दूरी नहीं बनाए रखी जा सकती है? क्या कोविड-19 महामारी से उबरने के बाद खेल और खेलों को देखना पहले जैसा ही आसान होगा? ऐसे ही कई सवालों पर देश के चोटी के खिलाड़ियों की मिश्रित प्रतिक्रिया रही।

विज्ञापन

 
सचिन तेंदुलकर:
निसंदेह दुनिया अभी जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती से गुजर रही है। मुझे लगता है कि (गेंद को चमकाने के लिए) लार का उपयोग करने में खिलाड़ी कुछ समय के लिए सतर्क रहेंगे। यह बात उनके दिमाग में रहेगी। खिलाड़ी कुछ समय के लिए गले मिलने से बचेंगे। मैं ऐसा मानता हूं। वे शुरू में सतर्क रहेंगे और सामाजिक दूरी बनाए रख सकते हैं।

अभिनव बिंद्रा (भारत के पहले ओलंपिक व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता):
खेल लोगों को आपस में जोड़ता है तथा हजारों भागीदारों और दर्शकों में खुशी का संचार करता है। भविष्य में सुरक्षा और बचाव पर अधिक ध्यान दिया जाएगा लेकिन खेलों के प्रति आकर्षण कम नहीं होगा। कोविड-19 के बाद शायद काफी विदेशी टूर्नामेंट और शिविर नहीं होंगे और ऐसे में भारत को उपयुक्त खेल बुनियादी ढांचा तैयार करने का मौका मिल सकता है।
विज्ञापन


एम सी मैरीकॉम (छह बार की विश्व चैंपियन, ओलंपिक पदक विजेता):
हम सभी चीजों के फिर से पहले की तरह सामान्य होने के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं लेकिन क्या ऐसा हो सकता है, नहीं। खेलों में बदलाव होंगे। मेरा खेल संपर्क वाला है और मैं निजी तौर पर चिंतित हूं कि हम कैसे इससे पार पाएंगे। मुझे लगता है कि अभ्यास भी व्यक्तिगत हो जाएगा।

दर्शकों की वापसी आसान नहीं
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह ने कहा कि दर्शकों को वापस लाना आसान नहीं होगा क्योंकि लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहेंगे। भारत के बारे में हालांकि कुछ नहीं कहा जा सकता। फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने कहा आज जबकि टेलीविजन और डिजीटल प्लेटफार्म हमारी जिंदगी के अहम अंग बन गए हैं तब स्टेडियमों में दर्शकों की कमी से खेल व्यवसाय प्रभावित नहीं होगा। पूर्व टेनिस स्टार महेश भूपति के अनुसार खेल नहीं बदलेंगे और पहले ही तरह सब कुछ सामान्य हो जाएगा।

सामाजिक दूरी के होंगे नए मायने
विश्व रजत पदक विजेता बजरंग पुनिया के मुताबिक कुश्ती में आप किसी भी तरह से शारीरिक संपर्क से नहीं बच सकते। सभी खिलाड़ी लंबी अवधि बाद तैयारी के साथ उतरेंगे तो मुकाबले कड़े होंगे। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने कहा कि सामाजिक दूरी के नए मायने होंगे। यह देखना होगा कि संपर्क वाले खेलों जैसे मुक्केबाजी, कुश्ती में इसे कैसे लागू किया जाता है। हॉकी और फुटबॉल में भी करीबी संपर्क आम बात है।   

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें