अर्जुन की माने तो अमेरिका में हुए फाइनल से ठीक पहले उनके बाएं पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। आनन-फानन में रात में ही इलाज किया गया और अंगूठे पर पट्टी बांध दी गई। जूते पहनकर खेलने में परेशानी हो रही थी, इस वजह से जूते में अंगूठे के पास का थोड़ा हिस्सा काटा गया। यह जूता इसलिए ऐतिहासिक और अर्जुन के दिल के करीब था क्योंकि चोटिल होने के बावजूद उन्होंने यह प्रतियोगिता जीती थी। अपनी ट्रॉफी के साथ उन्होंने विशेष रूप से जूता भी संभालकर रखा था। अर्जुन को गर्व है कि उनकी इस खास चीज को उन्होंने देश की मदद के लिए खुद से दूर किया।