खेल मंत्रालय ने जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने के लिए सात राज्यों में कुल 143 खेलो इंडिया केंद्र खोलने का फैसला किया है। इस पर कुल 14.30 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इन केंद्रों को महाराष्ट्र, मिजोरम, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र में किसी एक खेल की सुविधा उपलब्ध होगी।
खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने बयान में कहा, 'भारत को 2028 ओलंपिक में शीर्ष दस देशों में शामिल करने का हमारा प्रयास है। इसे हासिल करने के लिए हमें खिलाड़ियों की उनकी छोटी उम्र में ही पहचान करने और उन्हें निखारने की आवश्यकता है।' उन्होंने कहा, 'जिलास्तरीय खेलो इंडिया केंद्रों पर अच्छे प्रशिक्षकों और उपकरणों की मौजूदगी में मुझे विश्वास है कि हम सही समय पर सही खेल के लिए सही बच्चे ढूंढने में सफल रहेंगे।'
मंत्रालय ने जून 2020 में चार साल में 1000 खेलो इंडिया केंद्र खोलने की योजना बनाई थी। इनमें से कम से कम प्रत्येक जिले में एक केंद्र खोलने की योजना है। इनमें से 217 केंद्र पहले ही कई राज्यों में खोले जा चुके हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और लद्दाख के प्रत्येक जिले में दो-दो केंद्र खोलने का फैसला किया था।