खेलों पर पड़ने वाले कोरोना के प्रकोप से निपटने के लिए सरकार ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और राष्ट्रीय खेल संघों को बड़ी राहत दी है। अब साई के स्टेडियम में कोई भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप कराने के लिए आईओए और खेल संघों को किसी तरह का कोई पैसा नहीं देना होगा। स्टेडियमों का किराया वापस लेने के बाद अब साई ने चैंपियनशिप के आयोजन के दौरान स्टेडियम में खर्च होने वाली बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था के अलावा वहां के हॉस्टलों का किराया भी माफ कर दिया है। इसका खर्च खुद साई उठाएगी। मंगलवार को लिए गए इस फैसले से आईओए और खेल संघों को करोड़ों रुपये का फायदा होगा।
सिर्फ खाने की करनी होगी व्यवस्था:
अभी तक खेल संघों को चैंपियनशिप के आयोजन के दौरान काफी खर्च करना पड़ता था। कई खेल संघों के लिए प्रायोजकों के आभाव में यह खर्च उठाना मुश्किल होता था। इसके चलते वे ज्यादातर चैंपियनशिप का आयोजन दिल्ली से बाहर कराने में भलाई समझते थे।
नए फैसले के अनुसार अब खेल संघों को सिर्फ खाने की व्यवस्था और खेलों के उपकरणों का इंतजाम करना होगा। इससे अब आईओए और खेल संघों को अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप और खेलों की मेजबानी हासिल करने में मदद मिलेगी। खेल मंत्रालय पहले ही आईओए और खेल संघों को अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की ज्यादा से ज्यादा मेजबानी हासिल करने को कहा चुका है। खेल मंत्री किरन रिजिजू ने अक्तूबर में खिलाड़ियों के लिए साई स्टेडियमों को मुफ्त कर दिया था। दिल्ली में साई के संरक्षण में ऐतिहासिक जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वीमिंग कांप्लेक्स और कर्णी सिंह शूटिंग रेंज आते हैं।