टीटीएफआई के सेक्रेटरी जनरल एमपी सिंह का कहना है कि यिन ने अजमेर अकादमी में 12 साल गुजारे हैं। उनका भारत के साथ गहरा लगाव है। यही वजह है कि उन्हें पिछले साल वापस लाया गया। ऐसी परिस्थितियों के बावजूद यिन को यहां रुकने में कोई समस्या नहीं है। उनकी आयु को देखते हुए अगले वर्ष जून तक उनका कार्यकाल बढ़ाया गया है, लेकिन उन्हें 2024 तक रोकने की योजना है।
सैनिकों की शहादत के बाद शुरू हुआ था चीनी उपकरणों का बहिष्कार
एलएसी पर 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद खेलों में भी चीनी उपकरणों के बहिष्कार की शुरुआत कर दी गई थी। कई खेल विशेषज्ञों नेे चीनी उपकरणों और कोच को बाहर करने की मांग की थी।